श्रेया दो भाई और दो बहनों में सबसे बड़ी थी। श्रेया सुबह स्कूल जाने के लिए हंसी-खुशी घर से साइकिल से सवार होकर निकली थी। थोड़ी ही देर बाद घरवालों को उसकी मौत की सूचना मिली तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिवार में चीख- पुकार मच गई। घरवालों का बिलखना देख हर किसी का कलेजा फटा जा रहा था।
उधर, छात्रा की मौत से लोगों में आक्रोश दिखा। ग्रामीणों का कहना था कि कस्बे में जब से चौड़ीकरण हुआ है, यहां थाना से लेकर शंकरपुर चेकपोस्ट एक्सीडेंटल जोन बन गया है। आए दिन अनियंत्रित ट्रकों के कारण लोग अपनी जान गवां रहे हैं। अभी एक सप्ताह पूर्व एक युवती की ट्रक की चपेट में आने से मौत हुई थी। लोगों ने आजमगढ़ से आने वाले बड़े वाहनों को सेमरहा अंडरपास से घुमाकर बाईपास से और वाराणसी की ओर से आने वाले वाहनों को मुहम्मदपुर बाईपास से निकलवाने की मांग की।