लाटघाट। सगड़ी तहसील का उत्तरी क्षेत्र प्रतिवर्ष घाघरा के बाढ़ की मार झेलता है। प्रतिवर्ष दर्जनों लोग यहां से विस्थापित हो कर दूसरी जगहों पर अपना आशियाना बनाते हैं। वहीं कुछ लोग ढसे भी हैं जो प्रतिवर्ष कटान के मुहाने पर रहेंगे लेकिन वहां से हटेंगे नहीं। सगड़ी तहसील के देवारा क्षेत्र के 134 गांवों के 8500 परिवार प्रतिवर्ष बाढ़ की विभिषिका का सामना करते हैं।
जनपद को घाघरा की बाढ़ से बचाने के लिए 42 किमी लंबे महुला-गढ़वल बांध का निर्माण कराया गया है। इस बांध पर 100 रेगुलेटर लगाए गए है। ताकि आबादी के पानी को जरूरत पड़ने पर नदी में छोड़ा जा सके। बांध से नदी के बीच में बहुत से गांव आबाद हैं। जो प्रतिवर्ष बाढ़ को झेलते हैं। इसमें से दर्जनों लोग प्रतिवर्ष कटान होने से विस्थापित होते हैं। जिन्हें प्रशासन की ओर से जमीन देकर बसाया जाता है। उसमें कुछ लोग सक्षम होते हैं जो दूसरे जगह पर जमीन लेकर परिवार के साथ बस जाते हैं। गोरखपुर जनपद के गोला बिसरा में ऐसे बहुत से लोग अपना आशियाना बना चुके हैं। वहीं बहुत से लोग महुला गढ़वल बांध पर अपना आशियाना बसाए हुए हैं। उन्हें प्रशासन की ओर से अभी तक जमीन उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। बहुत से लोगों को रौनापार, नैनीजोर आदि गांवों में जमीन देकर प्रशासन द्वारा बसाया जा चुका है। शासन और प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों को प्रतिवर्ष राशन आदि उपलब्ध कराया जाता है। वहीं पशुपालन विभाग की ओर से उनके पशुओं के लिए चारे आदि की व्यवस्था की जाती है।
10 अस्थाई बाढ़ चौकियां की गई हैं चिह्नित
प्रशासन की ओर से बाढ़ को देखते हुए महुला गढ़वल बांध पर 10 बाड़ ाकियों की स्थापना की गई है। इसमें महुला, गांगेपुर, हाजीपुर, देवारा खास राजा, इश्माइलपुर, हैदराबाद, शिवपुर, कुढ़ही, सहदेवगंज और उल्टहवा शामिल हैं। इसके अलावा प्राइमरी स्कूल दाम महुला, प्राइमरी स्कूल परसिया, जूनियर हाई स्कूल बांका, देवारा खास राजा प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय मसुरियापुर, अराजी अजगरा मगर्वी प्राइमरी स्कूल, प्राथमिक पाठशाला अराजी नौबरार करखिया आदि बाढ़ चौकियों को जिले के नोडल अधिकारी और सचिव लोक निर्माण विभाग द्वारा गांव के बीच खोलने का निर्देश दिया गया है।
गेज बढ़ने के साथ पानी से घिरते हैं गांव
लाटघाट। जैसे-जैसे नदी का जलस्तर बढ़ता है वैसे-वैसे इससे सटे गांव बाढ़ के पानी से घिरते जाते हैं। जैसे 71.80 मीटर पर महाजी देवारा, 72मीटर पर चक्की हाजीपुर और बांका बूढ़नपट्टी, 72.14 मीटर पर देवारा खास राजा, चक्की बूढन पट्टी और हाजीपुर, 72.25 मीटर पर कटघरा, 72.38 मीटर पर कुढ़ही, 72.47 मीटर पर देवारा इस्माइलपुर और दाम महुला, 72.61 मीटर पर इब्राहिमपुर, गोड़िया, हथियागढ़, शेखनादिर, जीवधारी, कटघर आदि और 72.87 मीटर पर बाकी सभी गांव प्रभावित होते हैं।
अब तक एक हजार एकड़ में प्रभावित हुई फसल
आजमगढ़। घाघरा नदी में आने वाली बाढ़ के कारण क्षेत्र के कुल 134 गांव प्रभावित होते हैं। जिसमें 80 गांव आाबाद हैं। यह सारे गांव 76 हजार हेक्टेयर में फैले हुए हैं। प्रभावित गांवों के लिए प्रशासन की ओर से 61 राहत शिविरों की स्थापना की जा रही है। अब तक बाढ़ के कारण एक हजार एकड़ फसल प्रभावित हुई है।
लोगों के उपचार आदि की होगी व्यवस्था
लाटघाट। बाढ़ के बाद अक्सर गांवों में जमा पानी से संक्रामक बिमारियों के फैलने का खतरा रहता है। वहीं बाढ़ के दौरान जहरीले जीव जंतुओं का खतरा भी बढ़ जाता है। पशुओं में भी संक्रामक बिमारियों के फैलने का खतरा अधिक होता है। बाढ़ चौकियों पर लाइट, लाइफ जैकेट के साथ दवा आदि की व्यवस्था रहेगी। वहीं पशुओं के भूसे आदि की भी व्यवस्था की गई है। ताकि बाढ़ के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न होने पाए।
बाढ़ को लेकर हमारी ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है। महुला गढ़वल बांध पर पहले से 10 स्थाई बाढ़ चौकियां बनाई गई है। लेकिन नोडल अधिकारी के निर्देशानुसार अब गांवों में भी 10 अस्थाई बाढ़ चौकियां बनाई जा रही है। जो बाढ़ के दौरान कार्य करेंगची। - बिजेंद्र उपाध्याय, तहसीलदार सगड़ी।
देवारा क्षेत्र में बाढ़ के पानी से होकर ट्रैक्टर लेकर जाता किसान।- फोटो : AZAMGARH