आजमगढ़। परिषदीय विद्यालयाें में शिक्षण सत्र समाप्त होने में कुछ महीने शेष हैं। अभी तक सभी परिषदीय विद्यालयों में फर्नीचर नहीं पहुंच सका है जिससे नौनिहाल फर्श पर बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं। ठंड बढ़ने लगी है। ऐसे में फटे पुराने टाट-पट्टी व प्लास्टिक की चटाई बच्चों की दुश्वारियां बढ़ा रही हैं।
जिले में कुल 2706 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। जिसमें 1724 प्राथमिक, 458 उच्च प्राथमिक व 524 कंपोजिट विद्यालय हैं। उक्त विद्यालयों में 331340 से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। शासन से इन स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत बच्चों के लिए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता करानी है।
इनमें बच्चों के बैठने के लिए कुर्सी-मेज की भी व्यवस्था शामिल है। शहरी क्षेत्र के अधिकतर स्कूल ऐसे हैं जिनमें बच्चों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो सकी है। ठंड में ठिठुरते हुए बच्चे जमीन पर बिछी दरी पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करने को विवश हैं। विभागीय आंकड़ों की माने तो जिले में अभी तक मात्र 48.90 फीसदी विद्यालयों में ही फर्नीचर की व्यवस्था हो सकी है।
विद्यालयों में कायाकल्प योजना के तहत कार्य कराए जा रहे हैं। फर्नीचर की भी व्यवस्था करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। अन्य विद्यालयों में भी फर्नीचर की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जा रहा है। - मनोज कुमार मिश्रा, एडी बेसिक आजमगढ़।