ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध को लेकर पेट्रोलियम पदार्थों की कमी और संभावित लॉकडाउन की अफवाह के चलते महज तीन दिनों में जिले में 35.77 करोड़ रुपये के डीजल-पेट्रोल की बिक्री हुई। इस दौरान पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लगीं, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो गई है। जिले के कुल 254 पेट्रोल पंपों पर हालात सामान्य हैं।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अब पेट्रोल पंपों पर किसी प्रकार की भीड़ नहीं है। उपभोक्ता आराम से पेट्रोल और डीजल भरवा रहे हैं। अफवाह के दौरान बीते तीन दिनों में कुल 16,68,000 लीटर पेट्रोल और 22,45,000 लीटर डीजल बिक गया। सामान्य दिनों में जिले में प्रतिदिन लगभग 4 लाख लीटर पेट्रोल और 6 लाख लीटर डीजल की खपत होती है।
अफवाह के पहले दिन बृहस्पतिवार को सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगना शुरू हो गई। लोग ड्रम, गैलन और डिब्बे लेकर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक करने पहुंचे, जिससे कुछ पेट्रोल पंपों पर अस्थायी किल्लत देखने को मिली। शुक्रवार को भीड़ में गिरावट आई और शनिवार तक स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई।
तीन दिन की बिक्री का विवरण
बृहस्पतिवार: 800 किलोलीटर पेट्रोल, 1000 किलोलीटर डीजल
शुक्रवार: 443 किलोलीटर पेट्रोल, 634 किलोलीटर डीजल
शनिवार: 425 किलोलीटर पेट्रोल, 611 किलोलीटर डीजल
क्या बोले अधिकारी
पड़ोसी जिलों में फैली अफवाह के बीच जिले में एक दिन अत्यधिक भीड़ जमा हो गई थी। अब हालात सामान्य हैं। जिले में डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। लगातार कंपनियों के टैंकर आ रहे हैं। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
-सीमा सिंह, डीएसओ