आजमगढ़। जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाई जा सकेगी। स्थानीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधीय प्रशासन की प्रयोगशाला और मंडलीय कार्यालय का निर्माण कराया जाएगा। शहर से सटे हैदराबाद (छतवारा) में प्रयोगशाला के लिए जमीन मिल गई है। शासन ने 50 लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी है।
प्रयोगशाला के लिए शहर से सटे हैदराबाद में 0.405 हेक्टेयर बंजर भूमि को चिह्नित किया है। इसमें प्रयोगशाला के साथ-साथ विभाग के मंडलीय कार्यालय भी बनाया जाएगा। भवन निर्माण के लिए यूपी स्टेट कांस्ट्रक्शन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कारपोरेशान लिमिटेड (यूपी सिडको) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। प्रयोगशाला व कार्यालय का निर्माण 2258.06 लाख से किया जाएगा, जिसकी स्वीकृति मिल गई है। इसकी प्रथम किश्त के रूप में धनराशि 50 लाख रुपये अवमुक्त करते हुए धनराशि जारी कर दी है। बहुत जल्द ही इसपर काम भी शुरू हो जाएगा। जिससे मिलावटखोरों पर कार्रवाई में तेजी आएगी।
दुकानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने को जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा जाता है, जिसकी रिपोर्ट आने में एक पखवाड़ा लग जाता है। विभाग दशहरे में जांच करना शुरू करता है और दीवाली में पता चलता है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ की बिक्री की जा रही थी। स्थानीय स्तर पर प्रयोगशाला बनने के बाद जांच में तेजी आएगी और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लग सकेगी।
हैदराबाद में औषधीय प्रयोगशाला व मंडलीय कार्यालय बनाया जाएगा। इसके लिए शासन से पहली किस्त में 50 लाख रुपये जारी कर दिया गया है। यूपी सिडको को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा। प्रयोगशाला बनने के बाद जांच के लिए नमूने लखनऊ नहीं भेजने पड़ेंगे।
वीके पांडेय, सहायक आयुक्त खाद्य।