शहर के पुरानी कोतवाली पर विद्युत तारों का जंजाल।-प्लान खबर की फोटो
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। शहर में बेहतर विद्युत आपूर्ति और बिजली चोरी रोकने के लिए सौ करोड़ रुपये की लागत से भूमिगत केबल बिछाई गई है। नगर के कुछ मुहल्लों को छोड़ दिया जाए ज्यादातर इलाकों में भूमिगत केबल से आपूर्ति नहीं हो रही है। जहां अंडरग्रउंड केबल खराब हुई वहां ओवरहेड केबिल लगाकर बिजली की आपूर्ति कर दी जा रही है।
जनपद में लगभग सवा छह लाख विद्युत उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं से विद्युत विभाग हर महीने करोड़ों रुपये का बिल वसूलता है लेकिन उपभोक्ताओं की सुविधा पर विभाग का ध्यान ही नहीं है। नगर क्षेत्र में विद्युत तार उस समय के हैं जब विद्युतीकरण किया गया था। इसके बाद तारों को बदला नहीं गया। बदरका, कोलघाट, आराजीबाग मुहल्ले में तो तार नीचे तक लटक गए हैं। इनसे हादसे का डर है। जर्जर तारों और तारों के जाल से शहर को छुटकारा दिलाने के लिए समाजवादी पार्टी के शासन काल में लगभग 100 करोड़ की लागत से अंडर ग्राउंड केबिल बिछाने का कार्य शुरू किया गया। जिस कंपनी को इसका ठेका दिया गया वह अपना कार्य कर चलती बनी। जबकि उसे पांच सालों तक इनकी देखरेख करनी थी। अब हालात यह हैं कि जो अंडर ग्राउंड केबिल खराब हो रही है उसकी मरम्मत नहीं हो पा रही है। उसके स्थान पर विभाग द्वारा ओवरहेड केबिल लगाकर लोगों को विजली की आपूर्ति की जा रही है। नगर के चौक से पुरानी सब्जी मंडी रोड पर अंडर ग्राउंड केबिल खराब होने के बाद उसकी मरम्मत नहीं की जा सकी बल्कि उसके स्थान पर ओवरहेड केबिल लगाकर लोगों को आपूर्ति दी जा रही है।
विभाग द्वारा कई जगहों पर बिजली की आपूर्ति के लिए सड़कों के किनारे ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। लेकिन इन ट्रांसफार्मरों को घेराबंदी भी नहीं की गई है। जिसके कारण हमेशा दुर्घटना होने का भय सताता रहता है।
अनियमित निर्माण में कटी अंडर ग्राउंट केबिल
आजमगढ़। अंडर ग्राउंड केबिल बिछाने के दौरान जगह-जगह बाक्स लगाए गए थे। बेतरतीब लगे यह बाक्स आज सड़कों के किनारे कूड़ेदान बनकर रह गए हैं। अनियमित निर्माण के कारण बिछाई गई अंडर ग्राउंड केबिल जगह-जगह से कट गई है। नगर क्षेत्र में कई जगहों पर इसे सड़कों पर फैले हुए आसानी से देखा जा सकता है।
नगर क्षेत्र के जर्जर तारों की मरम्मत के लिए रिवैंप योजना के तहत प्रस्ताव मांगा गया था। जो बनाकर भेज दिया गया है। योजना शुरू होते ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। रही बात अंडर ग्राउंड केबिल की तो ज्यादातर मुहल्लों में चल रही है। लेकिन मुख्य सड़कों पर चौड़ीकरण के कारण यह क्षतिग्रस्त हुई है। सबसे ज्यादा मऊ सिधारी रोड पर इसे नुकसान पहुंचा है।-अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता