ठगी का तरीका
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि मुकेश यादव इंटरनेट से मालदीव के मूल वर्क परमिट डाउनलोड करता था। वह अपने मोबाइल में एडिटिंग कर विभिन्न व्यक्तियों के नाम से फर्जी परमिट तैयार करता था। इन फर्जी परमिटों को वह व्हाट्सएप या प्रिंट कॉपी के माध्यम से पीड़ितों को भेजता था।
इसके बदले में वह उनसे किस्तों में पैसे वसूलता था। अभियुक्त पहले मुंबई में मर्चेंट नेवी से संबंधित काम कर चुका है, जहां उसकी पहचान विदेश में रोजगार के इच्छुक श्रमिकों से हुई थी। उसने इन्हीं पुराने संपर्कों का दुरुपयोग कर लोगों को मालदीव सहित अन्य देशों में नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
बैंक खाते का दुरुपयोग और पुलिस की अपील
एसपी ग्रामीण ने बताया कि जांच में सामने आया कि अभियुक्त ने अपनी भाभी के दस्तावेज का दुरुपयोग कर यूनियन बैंक में एक खाता खुलवाया था। इस खाते के खिलाफ पश्चिम बंगाल के एक शिकायतकर्ता की साइबर शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 21,000 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई थी। अभियुक्त ने शिकायतकर्ता से कुल 35,000 रुपये में विदेश भेजने का सौदा किया था।
पुलिस ने अभियुक्त मुकेश यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि विदेश में नौकरी, वीजा या वर्क परमिट दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति या एजेंसी के झांसे में न आएं। किसी भी संस्था या एजेंट को पैसे देने से पहले उसकी वैधता और प्रामाणिकता की जांच अवश्य करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।