पुलिस ने अमित मौर्या को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने साइबर अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि उसने अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड और पासबुक की जानकारी अपने साथी सौरभ पांडेय को दे रखी थी। गिरोह के अन्य सदस्य साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि इसी खाते में ट्रांसफर कराते थे और बाद में एटीएम के माध्यम से रकम निकाल लेते थे। इसके बदले अमित को तय कमीशन दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार, बैंक खाते के लेन-देन, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जांच से आरोपी की साइबर ठगी नेटवर्क में सक्रिय भूमिका की पुष्टि हुई है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और उनके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
साइबर क्राइम थाना पुलिस का कहना है कि गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में मिले डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।