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UP: ब्लिंकिट का डिलीवरी बॉय निकला साइबर अपराधी, ठगी की रकम खाते में मंगाकर लेता था कमीशन; ऐसे करता था खेल

Mon, 06 Jul 2026 05:50 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

Azamgarh News: जिले में ब्लिंकिट का डिलीवरी बॉय साइबर ठगी गिरोह का सदस्य निकला। पुलिस के अनुसार वह ठगी की रकम अपने बैंक खाते में मंगाकर कमीशन लेता था। वाराणसी में नौकरी के दौरान उसकी तीन साइबर अपराधियों से मुलाकात हुई थी। आरोपी के खिलाफ दो राज्यों से एनसीआरपी शिकायतें दर्ज हैं। साइबर क्राइम पुलिस उसे गिरफ्तार कर उसके फरार साथियों की तलाश में जुटी है।
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आरोपी डिलीवरी बॉय। - फोटो : संवाद
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Cyber Crime: साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो वाराणसी में ब्लिंकिट के डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था और साइबर ठगी से प्राप्त रकम अपने बैंक खाते में मंगवाकर कमीशन लेता था। आरोपी गिरोह के अन्य सदस्यों को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड और पासबुक की जानकारी उपलब्ध कराता था, जिसके जरिए ठगी की रकम निकाली जाती थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 2,060 रुपये नकद बरामद किए हैं।

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अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन ने बताया कि साइबर क्राइम थाना को प्रतिबिंब पोर्टल पर प्राप्त संदिग्ध एटीएम और साइबर शिकायतों की जांच के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा के एक बैंक खाते पर संदेह हुआ। जांच में यह खाता अंबेडकरनगर जिले के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के समडीह गांव निवासी अमित मौर्या के नाम पर मिला।

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पुलिस ने अमित मौर्या को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने साइबर अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि उसने अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड और पासबुक की जानकारी अपने साथी सौरभ पांडेय को दे रखी थी। गिरोह के अन्य सदस्य साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि इसी खाते में ट्रांसफर कराते थे और बाद में एटीएम के माध्यम से रकम निकाल लेते थे। इसके बदले अमित को तय कमीशन दिया जाता था।

पुलिस के अनुसार, बैंक खाते के लेन-देन, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जांच से आरोपी की साइबर ठगी नेटवर्क में सक्रिय भूमिका की पुष्टि हुई है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और उनके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

साइबर क्राइम थाना पुलिस का कहना है कि गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में मिले डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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