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नहीं रहे पूर्व मंत्री और सपा के वरिष्ठ नेता वसीम अहमद

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वसीम अहमद पूर्व मंत्री।-फाइल फोटो - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक वसीम अहमद का शुक्रवार की रात इलाज के दौरान लखनऊ में निधन हो गया। उनके शव को लखनऊ से पहाड़पुर निवास पर लाया गया। जहां देर शाम शिब्ली कॉलेज परिसर में जनाजे की नमाज के बाद जमातुर्रशाद स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक किया गया।
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सगड़ी तहसील के बिलरियागंज विकास खंड के विंदवल गांव निवासी पूर्व मंत्री वसीम अहमद पहाड़पुर में ही परिवार के साथ रहते थे। सपा के टिकट पर गोपालपुर से तीन बार विधायक रहे वसीम अहमद को 2012 में सपा की सरकार में राज्यमंत्री बनाया गया था। उनकी गिनती सपा के दिग्गज नेताओं में होती थी। काफी दिनों से बीमार पूर्व विधायक को लखनऊ में भर्ती कराया गया था। भोर में चार बजे बजे केजीएमयू में उन्होंने अंतिम सांस ली। पूर्वमंत्री के निधन की खबर से जिले के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके शव को लखनऊ से उनके निवास स्थान पहाड़पुर लाया गया। उनके आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। देर शाम लगभग साढ़े पांच बजे शिब्ली कॉलेज परिसर में जनाजे की नमाज अदा कर जामेतुर्रशाद स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
अंतिम समय में टूटी दलीय सीमाएं
आजमगढ़। पूर्वमंत्री वसीम अहमद के निधन की सूचना जैसे ही जनपद पहुंची हर कोई मर्माहत दिखा। उनके आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग रहा। शाम के समय जब शिब्ली कालेज परिसर में जनाजे की नमाज अदा हुई तो लोगों ने दलीय सीमा से ऊपर उठकर उन्हें श्रद्घांजलि दी। जिसमें प्रसपा के रामदर्शन यादव, सपा के नंद किशोर यादव, हवलदार यादव, राकेश यादव, आदिल शेख, श्याम बहादुर यादव, अभय नारायण पटेल, डा. संग्राम यादव, आलमबदी, नफीस अहमद, मिर्जा शाने आलम बेग, बसपा के रमेश यादव, भाजपा के श्रीकृष्ण पाल और जयनाथ सिंह आदि ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
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नेता प्रतिपक्ष ने बताया समाजवादी आंदोलन की अपूर्णीय क्षति
आजमगढ़। पूर्व मंत्री वसीम अहमद के निधन पर नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि उप्र सरकार के पूर्व मंत्री वसीम अहमद का निधन समाजवादी आंदोलन की अपूर्णीय क्षति है। लोकतंत्र की रक्षा और समाजवादी समाज की स्थापना के लिए जारी संघर्ष में उनकी कमी सदैव खलेगी। पूर्व मंत्री वसीम अहमद की मिट्टी में शामिल होने के लिए आए उनके भाई सपा नेता लाल बचन यादव ने वसीम अहमद के परिजनों को नेता प्रतिपक्ष का संदेश दिया और कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत पार्टी का हर सदस्य शोक की इस घड़ी में आप लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि आज देश का किसान खेती बारी की रक्षा के लिए सड़कों पर खड़ा है। महंगाई और जुलुम चरम पर है। सरकार इसे रोकने की जगह कमजोर तबके को सताने और लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने में लगी हुई है। इसके मुकाबले के लिए आज देश और समाज को सर्वाधिक जरूरत वसीम अहमद जैसे नेताओं की जरूरत है लेकिन होनी के आगे किसी की नहीं चलती।
एक बार मिली हार तो दूसरी बार फिर फहराया परचम
आजमगढ़। सपा के टिकट पर पूर्व मंत्री वसीम अहमद ने तीन बार गोपालपुर विधानसभा सीट पर जीत हासिल की। इस बीच उन्हें एक बार हार का भी सामना करना पड़ा, लेकिन अगले चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की और सपा सरकार में मंत्री भी बने।
पूर्व मंत्री वसीम अहमद राजनेता बनने से पहले एक अच्छे खिलाड़ी थे। छात्र जीवन में वह वॉलीबाल के अच्छे खिलाड़ी रहे। नगर के शिब्ली कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की और बाद में पार्ट टाइम गेम टीचर के रूप में खिलाड़ियों की नर्सरी तैयार करते थे। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के करीबी बलराम यादव की पहल पर 90 में वसीम अहमद ने गेम टीचर बनने का ख्वाब छोड़कर सपा से राजनीति करनी शुरू की। वर्ष 1996 में पार्टी ने उन्हें गोपालपुर विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया। पहले बार में ही वे बसपा के नसीम अहमद को हराकर विधानसभा पहुंचे। वर्ष 2002 में जब फिर विधानसभा चुनाव हुए तो पार्टी ने इन पर विश्वास जताते हुए गोपालपुर से दोबारा प्रत्याशी बनाया। पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए उन्होंने बसपा के रेयाज खान को पराजित किया। वर्ष 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी ने एक बार फिर उन्हें गोपालपुर से प्रत्याशी बनाया, लेकिन बसपा के श्याम नरायन यादव से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। पार्टी ने जब 2012 में उन पर फिर से भरोसा जताते हुए उन्हें फिर से उम्मीदवार बनाया तो इस बार उन्होंने बसपा के कमला प्रसाद यादव को हराकर जीत हासिल की। सपा की सरकार बनने पर अखिलेश यादव ने उन्हें बाल विकास, पुष्टाहार, बेसिक शिक्षा और ऊर्जा राज्यमंत्री बनाया। इस पद की जिम्मेदारियों का उन्होंने बखूबी निर्वहन किया।

शिब्ली कालेज में पूर्व मंत्री वसीम अहमद के जनाजे की नमाज पढ़ते लोग।- फोटो : AZAMGARH

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