दीवानी कचहरी में बम धमाका करने की सूचना पर सड़कों पर जुटी अधिवक्ताओं की भीड़। संवाद
आजमगढ़। जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय के ईमेल पर सोमवार की सुबह करीब 9.50 बजे कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके बाद पहली बार कचहरी खाली करा कर शहर कोतवाली व सिधारी थाने की पुलिस ने बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड, के साथ चेकिंग की। साथ ही एटीएस की टीम ने भी कचहरी की सुरक्षा की जांच की। इस दौरान अफरा-तफरी जैसा माहौल रहा। सोमवार को तारीख पर आए वादकारियों को 21 फरवरी की तारीख निर्धारित कर उन्हें बुलाया गया है। ई-मेल में एक लाइन में धमकी दी गई कि सोमवार की दोपहर ठीक 12 बजे बम धमाके कर न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं को निशाना बनाया जाएगा। जिला जज ने पुलिस को सूचना दी। साथ ही बार के पदाधिकारियों को भी अवगत कराया। इसके तुरंत बाद ही अधिवक्ताओं ने अपने चेंबर को खाली करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद सीओ सिटी शुभम तोदी, शहर कोतवाल यादवेंद्र पांडेय और सिधारी थाना प्रभारी आरके सिंह बम निरोधक दस्ता और खोजी कुत्ते के साथ पहुंचे। अधिवक्ताओं से चेंबर को खाली करने की अपील की। साथ ही कोना-कोना को खंगाला। इस दौरान एटीएस की भी टीम ने जांच-पड़ताल की। जांच टीम में एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह, सीओ सिटी शुभम तोदी, शहर कोतवाल यादवेंद्र पांडेय व सिधारी थाना प्रभारी आरके सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी शामिल रहे।अधिवक्ता निशांत राय ने बताया कि कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था में बहुत लापरवाही है। गेट पर लगे डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर सिर्फ शोपीस हैं। किसी भी गेट पर चेकिंग की व्यवस्था नहीं है। प्रशासन अधिवक्ताओं के जान से खिलवाड़ कर रहा है। पुलिस को इसके पहले क्यों नहीं पता चला कि अंदर बम है। इतना ही नहीं पुलिस प्रशासन और जेल प्रशासन के बीच इतना भी सामंजस्य नहीं कि उतनी दूर से कैदियों को लेकर आएं और वापस लेकर जाना पड़े। वहीं दूर-दूर से आए अधिवक्ताओं को यदि पहले सूचना मिलती तो वह नहीं आते। चारों तरफ भीड़ है। यदि बम कचहरी के अंदर न होकर किसी ने सड़क पर रख दिया होगा तो सड़क पर मौजूद अधिवक्ताओं और जनता की भीड़ इसका शिकार होती लेकिन प्रशासन के पास इन्हें हटाने की भी व्यवस्था नहीं है। अधिवक्ता शशिकांत पांडेय ने बताया कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर शासन प्रशासन को कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि कचहरी की सुरक्षा बढ़ाई जाए। लगेज स्कैनर जैसी व्यवस्था सभी प्रवेश द्वार पर होनी चाहिए। कचहरी में समय-समय पर जांच होनी चाहिए।
बम की सूचना से कचहरी के आसपास अफरा-तफरी, लगा भीषण जाम-आजमगढ़। कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी की सूचना मिलने के बाद कचहरी परिसर ही नहीं, बल्कि उसके चारों ओर भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा कारणों से कचहरी को खाली कराए जाने के दौरान आसपास भारी भीड़ इकट्ठा हो गई, जिससे प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस को ट्रैफिक नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने पूरे इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित किया और आमजन से कचहरी के आसपास न आने की अपील की। बम निरोधक दस्ते और सुरक्षा एजेंसियों की जांच के चलते देर तक आवागमन प्रभावित रहा।
suniyadasanout-look.com से आया था मेल-आजमगढ़। एसपी डा. अनिल कुमार ने बताया कि जिला जज के आधिकारिक ई-मेल पर suniyadasanout-look.com आईडी से धमकी भरा मेल भेजा गया था, जिसमें कचहरी को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। इस मेल को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दी गई और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कचहरी परिसर की सघन जांच कराई गई।
कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी को पुलिस ने पूरी गंभीरता से लिया है। सूचना मिलते ही कचहरी परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र को तत्काल खाली कराकर सुरक्षा एजेंसियों के साथ सघन तलाशी अभियान चलाया गया। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा इकाइयों द्वारा प्रत्येक कोने की जांच की गई, जिसमें कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। अज्ञात ई-मेल भेजने वाले के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और उसकी पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर इकाई की मदद ली जा रही है। दोषी को चिह्नित कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।- डाॅ. अनिल कुमार, एसपी आजमगढ़।