राष्ट्रीय साहित्य कला संस्थान के तत्वावधान में वेस्ली इंटर कालेज में शुरू हुआ रंग महोत्सव-2014 का दूसरा दिन स्व. डा. देवाशीष बनर्जी को समर्पित रहा।
लोक नृत्य कलाकारों की प्रस्तुति इतनी आकर्षक थी कि लोग अंत तक बंधे रहे। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नाटक और नृत्यों ने सभी का खूब मनोरंजन किया।
दूसरे दिन रंग महोत्सव की शुरुआत मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन आशुतोष द्विवेदी, आयोजन अध्यक्ष डा. पीयूष सिंह यादव ने मां सरस्वती और भारत माता के चित्र के सामने दीप जलाकर किया।
इस मौके पर डा. देवाशीष बनर्जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। राष्ट्रगान के साथ सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत हुई।
नर्तन कला निकेतन गुवाहाटी असम की प्रतिभागी मदुश्मिता दास और नीतू रावत ने आधुनिक नृत्यों की प्रस्तुति से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
कविता थियेटर गुजरात द्वारा किसानों की दिनचर्या पर आधारित समूह नृत्य प्रस्तुत किया गया। नृत्य में कलाकारों ने दिखाया कि किसान चाहे किसी भी प्रांत का हो उनके रहन-सहन, पहनावा, रीति-रिवाज और भाषाओं की विभिन्नता के बाद भी देश के किसानों की जिंदगी खेतों में ही कटती है।
नृत्यों की प्रस्तुतियों के बाद बहुभाषीय नाटकों की प्रस्तुतियां हुईं। नार्थ ईस्ट से आए द वूमन एंड चाइल्ड इंटीग्रिटी डवलपमेंट अर्गनाइजेशन नागमपाल कंजीबी लेईरक मणिपुर के ग्रुप ने नाटक ‘हरि भक्त कृष्णानंद’ की प्रस्तुति ए वीनोदिनी देवी के निर्देशन में की।
नाटक का प्रमुख पात्र कृष्णानंद एक गरीब परिवार का व्यक्ति था लेकिन उसके कर्तव्य और संस्कार अपने अन्य साथियों से अच्छे थे। जिसका यह परिणाम था कि उससे हर व्यक्ति खुश था।
दूसरी नाट्य प्रस्तुति सरस्वती प्रोग्रेसिव ड्रामा अर्गनाइजेशन ब्रहमपुर उडीसा ने प्रो. स्व. दुर्गाचरन पटनायक द्वारा लिखित उड़िया नाटक ‘कौन सी एक सकाला पायनी’ का मंचन इंजीनियर आख्य कुमार मोहंती के निर्देशन में किया। महोत्सव का संचालन सुनील दत्त विश्वकर्मा ने किया।
इस मौके पर शरद गुप्ता, मनोज यादव, गौरव, सुषमा जावलेकर. डा. शशिभूषण शर्मा, मनोज कुमार मौर्य, राकेश आदि उपस्थित थे।