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Azamgarh Flood: 10 करोड़ की तैयारी पर फिरा बाढ़ का पानी, लोगों के घरों से सात मीटर दूर सरयू की लहरें

Tue, 11 Aug 2026 02:23 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़/महराजगंज।

सार

Azamgarh News: देवारा क्षेत्र में आबादी को कटान से बचाने के लिए 10 करोड़ की तैयारी पानी में डूब गई। सरयू की लहरें लोगों के घरों से सात मीटर दूर पहुंच गईं, जिससे लोग सहमे हुए हैं।
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घर के पास पहुंचा सरयू नदी का पानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आजमगढ़ जिले के देवारा क्षेत्र में आबादी को कटान से बचाने के लिए बाढ़ खंड की ओर से की गई 10 करोड़ की तैयारी पानी में डूब गई है। झगरहवा में वीरेंद्र के घर से तीन मीटर की दूरी पर बाढ़ का पानी पहुंच गया है, तो वहीं आराजी मलहपुरवा गंगापुर और पुरैनिया में घरों से सात मीटर की दूरी पर बाढ़ का पानी रुका हुआ है। घर के पास बाढ़ का पानी पहुंचने से ग्रामीण भी सहमे हुए हैं। 

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राहत की बात यह है कि अभी नदी का पानी स्थिर है। अगर जलस्तर बढ़ा तो देवारा के लोगों की परेशानी बढ़नी तय है। उधर, घरों के करीब बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद बाढ़ खंड की नींद खुली है। बने ठोकर पर काम शुरू हो गया है। विभाग द्वारा कराए गए जियो बैग, परकूपाइन आदि बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। 

पूर्व प्रधान एहसान, वीरेंद्र ने बताया कि आराजी मलहपुरवा, गंगापुर और पुरैनिया गांव के मुहाने तक पानी पहुंच गया है। गांव को बचाने के लिए मिट्टी पाटकर बंधा बनाया गया और बोरियों में मिट्टी-बालू भरकर नायलॉन की रस्सी से बांधकर किनारे लगाया गया। सभी परकूपाइन बाढ़ में डूब गए हैं, सिर्फ दो ही परकूपाइन दिखाई दे रहे हैं। 
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ग्रामीणों ने बताया कि जो दस ठोकर कटर बनाए गए हैं, वे कारगर हैं। उसी तरह अगर बीस और बना दिए जाएं तो बेहतर होता। परकूपाइन कारगर नहीं है। रीता देवी ने बताया कि हमारी जमीन पहले ही कट चुकी है, अब घर से सात मीटर की दूरी पर बाढ़ का पानी रुका हुआ है।

झगरहवा में 30 घरों पर कटान का संकट
लालगंज क्षेत्र के देवारा खास राजा की झगरहवा में पांच करोड़ से बोल्डर डालकर डंपिंग का काम किया गया है। कुछ दूर तक परकूपाइन भी लगाया गया है। यहां करीब 25-30 परिवार निवास करते हैं। गांव के रामकरण की मंडई नदी किनारे पड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि बोल्डर और परकूपाइन डाला गया है, लेकिन उसका कोई मतलब नहीं है। कटान शुरू हुआ तो सब सरयू नदी में विलीन हो जाएगा। क्षेत्र के रामकरण, राम आधार, कन्हैया, बलराम, शिवनाथ, द्वारिका आदि के घर के सामने सरयू नदी की कटान पहुंच चुकी है। संहवदिया और बरामदपुर गांव के पास भी कटान काफी तेजी से हो रही है। अधिशासी अभियंता वीरेंद्र सिंह का कहना है कि गांव सुरक्षित है, परकूपाइन नदी में ही लॉन्च कर दिए जाते हैं, जिससे कटान न हो।
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स्थान खतरा बिंदु जलस्तर

  • बदरहुआ नाला 71.68 मीटर 71.29 मीटर
  • डिघिया नाला 70.40 मीटर 70.61 मीटर
  • कटान रोकने के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च हो रहा है, लेकिन उसका कोई मतलब नहीं है। विभाग केवल मिट्टी डालकर कटान रोकना चाह रहा है, जबकि हर स्थान पर बोल्डर डालना चाहिए था। सभी परकूपाइन भी डूब चुके हैं। -वीरेंद्र यादव, ग्रामीण
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  • हमारे घर से नदी चार मीटर दूर है। हमारा घर कटने वाला है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी चिंता नहीं है। हम लोगों की कहीं दूसरे जगह जमीन भी नहीं है कि वहां जाकर रह सकें। -रीता देवी, ग्रामीण
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  • क्या बोले अधिकारी
  • सरयू नदी का पानी स्थिर है, सभी गांव सुरक्षित हैं। जहां जरूरत पड़ रही है, वहां पर कटान रोकने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि कटान न हो। -वीरेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड 
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