ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के पीडीए नारे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब अखिलेश यादव का नारा है कि पंडित अहीर भाई-भाई और जाति कहां से आई। अब अखिलेश कभी सत्ता में नहीं आएंगे और वह अगले जन्म की तैयारी करें। जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि यदि यह छात्रों का आंदोलन होता तो ठीक था, लेकिन छात्रों के पीछे कुछ लोग आंदोलन को बदनाम करने का काम कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस लाठीचार्ज के दौरान नेता पीछे की गली से भाग निकले।
सुभासपा के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने कहा कि अतरौलिया के सपा विधायक द्वारा किए जा रहे विकास के दावों में दम नहीं है, गांवों में नालियां नहीं हैं और लोग जल जमाव व संक्रमण झेल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल कुछ विशेष जातियों और लोगों को ही विकास की सौगातें दी गई हैं, जबकि गरीब जनता के लिए कुछ नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जनता अब परिवर्तन चाहती है और चुनाव के समय नेता घड़ियाली आंसू बहाने आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अब जनता विधायक और एमएलसी निधि का हिसाब मांगेगी और शराब-मुर्गे पर वोट नहीं करेगी।
अरुण राजभर ने गोरखपुर में 10 वर्षीय एक बच्ची के साथ 112 के सिपाही द्वारा किए गए कृत्यों पर सपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सिपाही अभिषेक यादव के कृत्य अक्षम्य हैं और सवाल उठाया कि क्या अखिलेश यादव या उनके नेता उस शर्मा परिवार से मिलने पहुंचे, क्योंकि आरोपी सिपाही उनका स्वजातीय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा समाज को बांटने और जातिवाद का जहर फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं उस परिवार की बेटी के घर गए हैं और जो भी लड़ाई लड़नी होगी, लड़ेंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक अर्जुन चौहान, रमाशंकर राजभर, हरिवदन प्रजापति, कुलदीप राजभर, सुरेंद्र लंबू, प्रधान प्रेमसागर, गीता चौहान, सरोज चौहान सहित कई लोग मौजूद रहे।