घाघरा का जलस्तर मंगलवार को खतरा बिंदू से नीचे आ गया। मैरुंड हो चुके गांव चक्की गांव से बाढ़ का पानी हट चुका है लेकिन ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ चुकी हैं। जमा पानी और गंदगी के चलते संक्रामक बिमारियों ने अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। वहीं बाढ़ चौकियां बंद होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रभावित इलाकों में अपेक्षित चिकित्सा व्यवस्था नहीं की गई है।
बाढ़ प्रभावित हाजीपुर प्राथमिक विद्यालय के 24 बच्चे फोड़ा, फुंसी और वायरल फीवर से पीड़ित हैं। जिसमें पूजा, बेबी, मोनू, अभिषेक, नीरज, नंदन, किशन, चंदन, निर्मला, आजाद, रवि, अमृत,चमन, आरजू, पवन, शिवम, ऋषभ आदि शामिल हैं। मंगलार को विद्यालय के प्रधानाध्यापक उमापति यादव बच्चों को लेकर बाढ़ चौकी पहुंचे लेकिन वहां कोई चिकित्सक नहीं मिला। प्रभारी चिकित्साधिकारी हरैया देवानंद यादव ने कहा कि बाढ़ अब नहीं है तो बाढ़ चौकियों पर चिकित्सक नहीं हैं। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारी लापता हो चुके हैं। जबकि इस समय ग्रामीणों को सबसे ज्यादा जरूरत चिकित्सकों की है।
बाढ़ क्षेत्र में प्रशासन ने दाम महुला, गांगेपुर, हाजीपुर,जमुवारी, देवारा इस्माइलपुर, हैदराबाद, कुढ़ही, शिवपुर, सहदेवगंज, नौबरार देवारा जदीद किता प्रथम में 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं। लेकिन मंगलवार को सभी बाढ़ चौकियां बंद मिली।
घाघरा के बाद अब बेसो भी उफान पर ः घाघरा के बाद अब बेसो नदी में भी उफान पर है। लालगंज विकासखंड अमिलिया गांव के ग्रामीणों की फसल बेसो नदी की पानी से डूब गई है। मंगलवार को ग्रामीणों ने तहसीलदार से मुआवजा दिलाने की मांग की। बताते चलें कि लालगंज तहसील क्षेत्र से होकर बेसो नदी गुजरती है। जो सरावां, जैतीपुर, चिरकिहीट, कैथी शंकरपुर, मिर्जा आदमपुर, अछीछी, अमिलिया, कूड़भार, खूरसू, चंदेवरा होते हुए गाजीपुर में जाकर गंगा नदी में मिलती है। कुछ लोगों ने इसके बहाव के रास्ते में मछली मारने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी है। जिसके कारण पानी बाढ़ के रूप में चारों ओर फैल गया है।
ज्यादा पानी होने के कारण लगभग 500 एकड़ फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो रही है। तहसीलदार ने मछली मारने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश देते हुए बैरिकेडिंग को हटाने का निर्देश दिया। इस अवसर पर सोनू सिंह, आलोक सिंह, जय प्रकाश सिंह, अरुण सिंह, अजय सिंह, श्रीकांत सिंह, मंगल सिंह, राजमणि सरोज, राजा यादव, रोशन राम आदि उपस्थित थे।
घाघरा के जलस्तर में घटाव जारी ः एक महीने से अधिक समय तक खतरा बिंदू से ऊपर बहने के बाद सोमवार को नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से नीचे आ गया। मंगलवार को भी नदी के जलस्तर में घटाव दर्ज किया गया। सोमवार को नदी का जलस्तर शाम चार बजे बदरहुंआ नाले पर 71.29 मीटर और डिघिया नाले पर 70.18 मीटर था जो मंगलवार की शाम चार बजे घटकर बदरहुंआ नाले पर 71.26 मीटर और डिघिया नाले पर 70.13 मीटर पर आ गया।