छतौना गांव में मंगलवार की रात अबूझ हाल में मड़ई में आग लगने के बाद अन्य चार लोगों की भी झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। पीड़ित परिवार खुले आसमान में दिन गुजारने को मजबूर हो गए हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद भी मौके पर ना तो डायल 100 की पुलिस पहुंची और ना ही फायर बिग्रेड की गाड़िय़ां। गांव के लोग अथक प्रयास कर किसी तरह से आग पर काबू पा लिया तबतक काफी क्षति हो चुकी थी।
छतौना गांव निवासी शिवपूजन अपने घर के बगल में मड़ई डालकर उसमें पशु बांधते हैं। मंगलवार की रात करीब बारह बजे मड़ई में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। तेज धुआं और ऊंची लपटें देखकर गांव वालों को जानकारी हुई तो शोर मचाते हुए आग बुझाने के प्रयास में जुट गए लेकिन आग इतनी भयानक थी कि कोई हिम्मत नहीं कर पा रहा था। देखते ही देखते आग आसपास के हरिराम, राजेश यादव, निन्हकू यादव, हीरा यादव के रिहाईशी मड़इयां और कच्चे मकान को अपनी आगोश में ले ली और इनके आशियाने को जलाकर राख कर दिया।
मंड़ई और मकान सहित भीतर रखे गए अनाज, कपड़ा, सामान और शिवपूजन की एक भैंस जलकर मर गई। ग्रामीणों ने डायल 100 और फायर बिग्रेड बूढनपुर को सूचना दी। लेकिन दोनों में से कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने अथक प्रयास से आग पर काबू पाया। एसडीएम छेदीलाल सिंह ने बताया कि मौके पर राजस्वकर्मियों को भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद पीड़ितों के मुआवजा के लिए शासन को भेजी जाएगी।