मेले में स्टाल पर रखे कृषि उपकरणों को देखते किसान।
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अजमतगढ़ ब्लाक में शुक्रवार को किसान मेले का आयोजन किया गया। मेले में 200 किसानों के उपस्थित होने का लक्ष्य रखा गया था। जिसके सापेक्ष मात्र 45 ही किसान उपस्थित थे। इससे नाराज उपनिदेशक कृषि आरके मौर्य ने दोबारा किसान मेले के आयोजन का निर्देश दिया। उधर मेले में आए किसानों ने स्टालों पर लगे विभिन्न प्रकार के कृषि उपकरणों को देखा और खरीदा। वहीं आयोजित गोष्ठी में किसानों को महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई। अजमतगढ़ ब्लाक में किसान मेले को संबोधित करते हुए उप निदेशक कृषि आरके मौर्य ने किसानों की संख्या कम देख नाराजगी जाहिर की। कर्मचारियों को प्रचार-प्रसार करने का निर्देश देते हुए पुन: मेले का आयोजन कराने को कहा। वरिष्ठ वैज्ञानिक पशुपालन डा. एलसी वर्मा ने किसानों बताया कि आय बढ़ाने के लिए पशुओं का पालन आवश्यक है। देशी नस्ल की गाय का पालन करें और विदेशी नस्ल जो जर्सी एवं फिजीशियन का पालन बंद कर दें।
डा. आर के सिंह ने फसल उत्पादन के संबंध में बताया कि अरहर, चना, मटर एवं मसूर की खेती करके दलहन उत्पादन बढ़ाया जाए। गेहूं में प्रजातियों का चयन सावधानीपूर्वक करें। जिला कृषि अधिकारी बसंत कुमार दुबे ने कहा कि कृषि यंत्रों पर अधिकतम 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध है। जिसका अधिक से अधिक लाभ उठाएं। जिला उद्यान अधिकारी श्रीबाल कृष्ण वर्मा ने फल और सब्जियों एवं नर्सरी के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर नगेंद्र प्रताप सिंह, महेश कुमार, सुरेंद्र यादव, अवध विहारी, बृजेश, मुन्नालाल, ओमप्रकाश आदि उपस्थित थे।