पितरों के तर्पण का पर्व पितृपक्ष शनिवार से शुरू हो रहा है। लोग नदियों और ताल पोखरों के किनारे पितरों का तर्पण करेंगे। लेकिन नगर क्षेत्र स्थित घाटों की साफ-सफाई का कार्य नगरपालिका द्वारा नहीं कराया गया। जबकि अधिशासी अधिकारी ने घाटों के सफाई का दावा किया था। पितरों को तर्पण देने के लिए शनिवार से लोग घाटों पर उमड़ेंगे। लेकिन घाटों की गंदगी उनकी मुश्किलों को बढ़ा सकती है। क्योंकि नगरपालिका ने घाटों की सफाई का कार्य नहीं कराया है। चाहे वह सिधारी स्थित पुराना पुल का घाट हो या गौरी शंकर घाट। घाटों पर कूड़ों का अंबार लगा हुआ है। सीढ़ियों पर बरसात का पानी लगने के कारण काफी मात्रा में सिल्ट जमा है। जो पितरों को तर्पण देने के लिए घाटों पर पहुंचने वाले लोगों की राह में रोड़ा अटका सकती है।
जबकि नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी ओमप्रकाश ने बुधवार को कहा था कि शुक्रवार को घाटों की सफाई करा दी जाएगी। इसके बाद सफाई का कार्य न होना नगरपालिका की उदासीनता को दर्शाता है। जिससे नगरपालिका द्वारा नगरवासियों के प्रति उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की पोल खोलता है। उधर, पिंडदान और तर्पण के लिए लोगों की तैयारी देर शाम तक जारी रही। लोगों ने पंडितों से श्राद्ध कराने के लिए संपर्क किया।