आजमगढ़। शासन के निर्देश पर जिले में 31 नई समितियों के गठन का काम शुरू हो चुका है। समितियों की संख्या बढ़ने से किसानों को पास में ही उर्वरक, ऋण आदि की सुविधा मिल सकेगी। प्रति समिति में कम से कम 30 सदस्य बनाए जा रहे हैं। अब तक छह समितियों बनाई जा चुकी हैं।
वर्तमान समय में जनपद में 250 साधन सहकारी समितियां हैं। इसमें जो क्षेत्रीय साधन सहकारी समितियां हैं, उनके पास तीन से चार न्याय पंचायतें हैं। वहीं, किसान सेवा समिति और साधन सहकारी समिति के पास एक- एक न्याय पंचायतें ही हैं।
केंद्र में सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद वर्ष 2023 के नए नियमों में अब कोई भी समिति क्षेत्रीय नहीं रह गई।
सरकार ने समिति को न्याय पंचायत स्तर पर करने के बाद उनका नाम बदलकर बहुउद्देशीय प्रारंभिक ग्रामीण सहकारी समिति लिमिटेड (बी पैक्स) कर दिया। इसके कारण क्षेत्रीय साधन सहकारी समिति के अंतर्गत आने वाली 31 न्याय पंचायतें रिक्त हो गईं। इन रिक्त न्याय पंचायतों में शासन के निर्देश पर नई बी पैक्स समितियों के गठन का काम सहकारिता विभाग ने शुरू कर दिया, ताकि किसानों को उर्वरक, ऋण सहित आदि सुविधाएं उनके न्याय पंचायत में मिल सके।
सहकारिता विभाग ने अब तक छह समितियों का गठन कर लिया है। प्रत्येक बी पैक्स में कम से कम 30 सदस्य बनाए जा रहे हैं। शेष सामितियों का गठन विभाग को एक वर्ष के भीतर करना है।