आजमगढ़। दो वर्ष से सरकार का मुफ्त राशन खाने वाले संपन्न लोगों पर अब शिकंजा कसना तय है। वसूली के खौफ के चलते अपात्र खुद ही अपना राशन कार्ड निरस्त कराने लगे हैं। इससे अब जिला पूर्ति कार्यालय में राशन कार्ड बनवाने के लिए कम व निरस्त कराने के लिए अधिक लोग पहुंच रहे हैं। एक सप्ताह में करीब 70 लोगों ने राशन कार्ड सरेंडर किया तो वहीं सत्यापन के दौरान अपात्र पाए जाने पर 80 से अधिक लोगों का निरस्त कराए जा चुके हैं। कोरोना काल के दो वर्ष से सरकार गरीबों को महीने में दो बार मुफ्त राशन दे रही है। माह के प्रथम चरण के राशन के साथ नमक, चना व तेल भी निशुल्क मिल रहा है। इसका जिले के 7,91,408 परिवार लाभ ले रहे हैं। इनमें हजारों परिवार आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद मुफ्त का राशन खा रहे हैं। राशन कार्डों का निर्धारित लक्ष्य पूरा होने से कई गरीब परिवार मुफ्त राशन के लाभ से वंचित हैं। अब सरकार ने मानक तय कर मुफ्त राशन पर शिकंजा कस दिया है। अपात्रों से वसूली करने के भी आदेश हैं। वसूली के खौफ से अपात्र खुद ही अपना राशनकार्ड निरस्त कराने के लिए जिला पूर्ति विभाग के चक्कर लगाने लगे हैं।
राशनकार्ड सूची से यह लोग होंगे बाहर
आजमगढ़। ग्रामीण क्षेत्र में जिन परिवारों की वार्षिक आय दो लाख व शहरी क्षेत्र में तीन लाख से अधिक है, उनका राशन कार्ड निरस्त किया जाएगा। इसके अलावा आयकर दाता, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस, 25 बीघा से अधिक सिंचित भूमि व पक्के मकान के साथ कार, ट्रैक्टर, जेनरेटर, एसी का सुख भोगने वाले ग्रामीण अपात्र होंगे। शहरी क्षेत्र में 100 वर्गमीटर प्लाट, मकान या फ्लैट, 80 वर्ग मीटर में प्रतिष्ठान वालों के भी राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे। जिला पूर्ति अधिकारी सुनील कुमार पुष्कर ने बताया कि राशन कार्डों का सत्यापन कराया जाएगा। शासन से निर्धारित मानकों पर खरे न उतरने वाले लाभार्थी खुद ही अपना राशनकार्ड निरस्त करा लें। सत्यापन में अपात्र राशन कार्ड मिलने पर लाभार्थी से वसूली के साथ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।