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डाक्टर की पर्ची पर ही मिलेगी फेवीफ्लू

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आजमगढ़। जनपद में फेवीफ्लू के चार सौ पत्ते पहुंच गए हैं। दवा की स्टोरेज को देखते हुए शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन इसे सिर्फ मरीजों तक पहुंचाने के लिए कवायद में जुटा है। इसके लिए प्रशासन ने तय किया है सिर्फ एक मेडिकल हाल से इस दवा की बिक्री होगी। वह भी सिर्फ एमबीबीएस या एमडी डाक्टर द्वारा लिखे गए पर्चे पर दी जाएगी।
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कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लोगों ने इसमें प्रयुक्त होने वाली दवाओं को स्टोर करना शुरू कर दिया। किसी ने दो पत्ता तो किसी ने चार पत्ता तो किसी ने एक डिब्बा दवा खरीद कर स्टोर कर ली। हालत यह हो गई कि बाजार में कई दवाओं की कमी हो गई। जिसका परिणाम है कि जिसको जरूरत नहीं उसके पास दवाएं मौजूद रहीं लेकिन जिसे जरूरत थी उसे जरूरी दवाएं नहीं मिल सकी। वर्तमान में कोरोना मरीजों के उपयोग आने वाली फेवीफ्लू टैबलेट की किल्लत हो गई थी। दो दिन पहले 200 पत्ता दवा आई लेकिन वह भी कुछ ही देर में बाजार से गायब हो गई। एक बार फिर फेवीफ्लू टैबलेट की किल्लत हो गई। वहीं शुक्रवार की देर शाम जनपद में फेवीफ्लू का 400 पत्ता आया।
दवा के लिए देना होगा पहचान पत्र
लोगों द्वारा जमकर की जा रही खरीद को देखते हुए यह नियम बनाया गया कि अब इसकी बिक्री सिर्फ एक मेडिकल स्टोर से होगी और एमडी या एमबीबीएस चिकित्सक द्वारा दवा लिखे पर्चे पर ही की जाएगी। इसके साथ ही मरीज के आधार कार्ड या पहचान पत्र की कोई फोटो कापी साथ में लानी होगी। इसके लिए पुरानी कोतवाली स्थित अनिल मेडिकल स्टोर गुरुग्रंथ कटरा का चयन किया गया है।
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जनपद में दवा की कोई कमी नहीं है। सिर्फ लोगों द्वारा हड़बड़ी में दवाओं का स्टोर किया जा रहा है। जिससेरेशानी खड़ी हो रही है। फेवीफ्लू दवा की कालाबाजारी को रोकने के लिए यह नियम बनाया गया है। ताकि सभी जरूरतमंद को यह दवा उपलब्ध कराई जा सकी। इसकी कड़ी मानीटरिंग की जा रही है।
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- मनुशंकर, असिस्टेंट कमिश्नर ड्रग।
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