16 मई की सुबह भी उसकी पिता से इसी बात को लेकर बहस हुई। इसी दौरान पिता ने उसे धक्का दिया तो वह गिर गई और फिर पिता महेंद्र ने खुद गला दबा कर हत्या कर दिया। खुद को बचाने के लिए उसने पुत्री द्वारा फांसी लगा लेने की अफवाह फैला दी गई और पुलिस को सूचना दिए बगैर ही शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर लिया। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दी।
इस पर फूलपुर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस की विवेचना में जहां आरोप की पुष्टि हुई तो वहीं मृतका की छोटी बहन अंजना पत्नी बलिराम ने अपने पिता के खिलाफ 29 मई को बड़ी बहन रंजना की हत्या किए जाने की तहरीर दी। जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना में इस बात की पुष्टि हुई तो पुलिस ने पिता महेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में हत्या आरोपी पिता ने भी हत्या करने की बात स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसका संबंधित धाराओं में चालान कर दिया है। उसने बताया कि बड़ी पुत्री मानसिक रूप से ठीक नहीं थी, जिसके चलते शादी के बाद ससुराल वाले उसे मायके भेज दिए। वे उसे ले जाने को तैयार नहीं थे, किसी तरह मान-मनौवल कर उसने छोटी बेटी की शादी पहली के पति से करा दिया था। जिससे बड़ी पुत्री रंजना नाराज थी और अक्सर ही उससे बहस करती थी। घटना वाले दिन भी उसने बहस किया और गुस्से में आकर उसने गला दबा कर हत्या कर दिया।