सरायमीर। मिडिल ईस्ट में उपजे विश्व युद्ध के हालात से भारतीय कामगारों व पढ़ाई के लिए दूसरे देश गए छात्र परेशान हैं। सरायमीर निवासी मौलाना सैय्यद इंतेजार मेहंदी व ईरान के मौलाना सैय्यद राकिब हुसैन कुम शहर में पढ़ाई करने के साथ वहीं पढ़ाते भी थे। उनकी शनिवार की देर शाम परिजनों से बात हुई थी। इसके बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इससे परिजन परेशान हैं। सरायमीर के मीर हसन मोहल्ला निवासी मौलाना सय्यद इंतेजार मेहंदी ईरान के कुम शहर में परिवार के साथ रहकर पढ़ाई करते हैं। देर रात परिवार से थोड़ी बात हुई थी। वहां बहुत घबराहट में थे लोग। वह मदरसे में पढ़ाते भी हैं। इसी तरह पठान टोला मोहल्ला निवासी मौलाना सैय्यद राकिब हुसैन ईरान के कुम शहर में रहकर पढ़ाई करने के साथ पढ़ाते भी हैं। राकिब हुसैन के परिवार के सदस्य अबान हैदर ने बताया कि कई बार बात करने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। मौलाना सैय्यद इंतेजार मेहदी के भतीजे हसन बाकर ने बताया कि बृहस्पतिवार को बात हुई थी। उस वक्त सब ठीक था, लेकिन शनिवार की सुबह से अचानक नेटवर्क बाधित होने से संपर्क नहीं हो पाया है। हम लोग दोपहर से ही बात करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। ईरान में पढ़ने वालों दोनों छात्रों के परिजन किसी अनहोनी को लेकर परेशान हैं। वहीं जिला प्रशासन को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि जिन देशों में युद्ध चल रहा है वहां पर अपने देश के कितने लोग फंसे हैं। उनका कहना है कि पासपोर्ट बनवाने के बाद कौन किस देश में इसकी जानकारी हमारे पास नहीं है।
जिले के कितने लोग इरान, इजराइल, सऊदी और दुबई में हैं इसकी जानकारी हमारे पास नहीं है। हमारा कंट्रोल रूम सक्रिय है, अगर कोई सूचना मिलती है तो उससे उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। वैसे अभी तक हमारे पास इस तरह की कोई सूचना नहीं आई है। -डाॅ. अनिल कुमार, एसपी।