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कागजों में सब ठीक लेकिन जमीन पर कुछ भी

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कृषि महाविद्यालय परिसर में मंगलवार को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल कहा कि आबादी बढ़ रही है। कृषि वैज्ञानिकों को दायित्व है कि वे उसके हिसाब से अधिक उपज लेने की तकनीक विकसित करें और उसे किसानों तक पहुंचाएं।
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राज्यपाल ने महाविद्यालय प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में लगे उत्पादों के बारे में पता चला कि उनको इलाहाबाद की हैं उन्होंने कहा कि यह सब यहां क्यों हीं उत्पादित हो सकता है। उन्होंने प्रगतिशील किसानों और मेधावी छात्राओं को पुरस्कृत किया और उनसे संवाद किया। कहा कि मैं भी किसान की बेटी हूं और खेती की है। उनके पिता 100 वर्ष पहले खेती में प्रयोग करते थे। किसानों को आय बढ़ाने के लिए लगातार खेती में प्रयोग करना चाहिए। कम भूमि में अधिक पैदावार हो सके, इसका प्रयास करना चाहिए। कृषि वैज्ञानिकों को भी अपने शोध को किसानों तक पहुंचाना चाहिए। एक ही खेत पर कई फसलें पैदा करने की जरूरत है। छात्रों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश और विदेश में खेती को लेकर अनेक प्रयोग हो रहे हैं। इसकी जानकारी लोग यूट्यूब पर भी अपलोड कर रहे हैं। किसान यूट्यूब देखकर भी बहुत कुछ सीख सकते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा के वैज्ञानिकों से कहा कि वे बहुस्तरीय खेती को बढ़ावा दें। एक खेत में कई प्रकार की फसल के उत्पादन का प्रयोग करें। ऐसा करके ही किसानों की आय को दोगुना किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों के प्रयास का कितना सार्थक परिणाम निकला है, यह दीक्षांत समारोह के समय पता करेंगी। छात्रों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।
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