आजमगढ़। शहर की चार कांशीराम काॅलोनियों में रहने वाले लोग 15 साल में 4.48 करोड़ की बिजली जला चुके, लेकिन नोटिस जारी होने के बाद बिल जमा नहीं कर रहे हैं। ओटीएस खत्म होने के बाद बिजली निगम बकायेदारों को आरसी जारी कर प्रशासन की मदद से बकाया बिल की वसूली करेगा।
बसपा सरकार में शहर में चार स्थानों पर कांशीराम कालोनी का निर्माण कराया गया था। डीएवी के पास, कोलघाट, जाफरपुर और चकगोरया में बनी कांशीराम कालोलियों में एक से लेकर दो किलोवाट तक के घरेलू कुल 600 कनेक्शन हैं। इसमें रहने वाले लोग 15-16 सालों से बिजली का प्रयोग करते चले आ रहे, लेकिन बकाया बिजली बिल जमा नहीं कर रहे हैं।
निगम के अधिकारियों के अनुसार प्रति कनेक्शन पर करीब 80 हजार रुपये बकाया है। एक दिसंबर से शुरू हुई राहत योजना के तहत सभी बकायेदारों को नोटिस जारी किया गया था कि छूट का लाभ उठाते हुए बिल जमा कर दें। इसके बाद कि किसी बकायेदार बिजली बिल जमा नहीं किया। इसके बाद काॅलोनियों में बिजली बिल राहत योजना का शिविर भी लगाया।
इसमें मात्र चार लोगों ने दो-दो हजार रुपये जमा कर अपना पंजीकरण कराया। नोटिस जारी होने और शिविर लगने के बाद भी बकाया बिल जमा नहीं करने पर अब निगम सख्त रवैया अपनाएगा। बिजली बिल राहत योजना खत्म होने के बाद सभी बकायेदारों को तहसील के माध्यम से आरसी जारी कर वसूली की जाएगी।
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एक बार कट चुका है कनेक्शन
कांशीराम काॅलोनियों में बकायेदारों के कनेक्शन एक बार काटे जा चुके हैं। बकाया बिजली बिल न जमा करने पर लोकसभा चुनाव के दौरान काॅलोनियों की बिजली काट दी गई थी। हालांकि उस समय भाजपा से चुनाव लड़ रहे दिनेश लाल यादव निरहुआ ने निगम के आधिकारियों से बात कर लोगों के कनेक्शन जुड़वा दिए थे।।
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शहर की चार कांशीराम काॅलोनियों में 600 कनेक्शन धारक हैं, जिन पर 4.80 करोड़ रुपये बिजली बिल बकाया है। बकाया बिल जमा करने के लिए सभी को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन सिर्फ चार लोगों ने पंजीकरण कराया है। प्रति उपभोक्ता पर करीब 80 हजार रुपये बकाया है। अब बकायेदारों आरसी जारी कर तहसील के माध्यम से वसूली कराई जाएगी। - पीके गुप्ता, अधिशासी अभियंता शहर।