शाहगंज रेल पथ का निरीक्षण करते आरएस (कमिश्नर आफ रेलवे सेफ्टी) मोहम्मद लतीफ खान, डीआरएम राम आश्रय प
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आजमगढ़। शाहगंज से आजमगढ़ के बीच रेलवे का विद्युतीकरण सफल पाया गया है। जल्द ही इस रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन का संचालन होने लगेगा। पूर्वोत्तर रेलवे परिमंडल के संरक्षा आयुक्त मो. लतीफ खान ने शनिवार को आजमगढ़-शाहगंज के बीच विद्युतीकरण का निरीक्षण किया। उसके बाद 110 किलोमीटर की रफ्तार से विद्युत ट्रेन दौड़ा गई, जिसने 41 मिनट में 57 किलोमीटर दूरी तय कर ली। रेल संरक्षा आयुक्त ने सबसे पहले आजमगढ़ रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। विद्युत उपकेंद्र, वायर, पैदल उपरिगामी पुल, प्लेटफार्म क्लियरेंस आदि को देखा। उन्होंने पाया कि सभी कार्य मानक के अनुरूप हैं। मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी रामाश्रय पांडेय, मुख्य विद्युत इंजीनियर एके शुक्ला, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) राजीव कुमार, राहुल श्रीवास्तव स्टेशन अधीक्षक डीबी सिंह मौजूद रहे।
उसके बाद संरक्षा आयुक्त टावर वैगन से आजमगढ़-फरिहा ब्लाक सेक्शन का निरीक्षण किया। आजमगढ़-फरिहा रेल खंड पर ओवर हेड विद्युत लाइन क्रासिंग का माप किया। फरिहा स्टेशन का निरीक्षण किया और विद्युतीकरण का काम देखा। सरायमीर के पावर सब स्टेशन पहुंचे पर जाकर बिजली का काम देखा। खुरासन रोड रेलवे स्टेशन और शाहगंज के पावर सब स्टेशन पहुंचे पर जाकर विद्युतीकरण के काम की जांच की। विद्युतीकरण के अनुरूप समपार फाटकों बूम लॉक व हाइट गेजों का परीक्षण किया।
उनके निरीक्षण के बाद बिजली के इंजन वाली स्पेशल ट्रेन को इस रूट पर दौड़ाया गया। वह अधिकतम 110 किलोमीटर की गति तक पहुंची। महज 41 मिनट में ट्रेन शाहगंज से आजमगढ़ पहुंच गई। अधिकारियों ने परीक्षण सफल होने की घोषणा कर दी।