आजमगढ़। जिला सहकारी बैंक के सभापति और उपसभापति समेत 10 अन्य पदों के लिए शुक्रवार को चुनाव होना था। नामांकन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद चुनाव प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया। जिसे लेकर जिला सहकारी बैंक परिसर के साथ ही कलेक्ट्रेट परिसर तक जबरदस्त गहमागहमी और हंगामा देखने को मिला।
जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के डायरेक्टर का चुनाव गुरुवार को संपन्न कराया गया था। कुल 14 पद थे, जिसमें छह पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ तो छह पर मतदान के बाद प्रत्याशी निर्वाचित घोषित किए गए । दो पद अभी भी रिक्त है। शुक्रवार को सभापति और उपसभापति समेत अन्य 10 पदों के लिए चुनाव होना था।
नामांकन के लिए 11 से 12 बजे की समय सीमा निर्धारित की गई थी। जिसके चलते 10 बजे से ही जिला सहकारी बैंक पर संभावित प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की गहमागहमी थी। सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी ने सभापति पद के लिए जयप्रकाश पांडेय को अपना प्रत्याशी घोषित किया था वहीं दूसरे प्रत्याशी विजय प्रकाश सिंह भी भाजपा के सदस्य है।
निर्धारित समय पर प्रत्याशियों को नामांकन पत्र नहीं प्राप्त हुआ। जिस पर विजय प्रकाश सिंह समर्थकों ने कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम कार्यालय पहुंच कर शिकायत दर्ज करायी। एडीएम के हस्तक्षेप पर चुनाव अधिकारी/एसडीएम निजामाबाद वागीश कुमार शुक्ल ने नामांकन की प्रक्रिया शुरू करायी।
दोनों प्रत्याशियों ने अपने-अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल किया। नामांकन के बाद चुनाव अधिकारी ने मतदान आदि की प्रक्रिया के लिए निर्धारित समय के पूर्व ही चुनाव को स्थगित करने की घोषणा कर दी। जिस पर विजय प्रकाश सिंह समर्थक आक्रोशित हो गये और नारेबाजी करना शुरू कर दिया। घंटों जिला सहकारी बैंक परिसर में हंगामे की स्थिति देखने को मिली।
समर्थक डायरेक्टरों के साथ पहुंचे थे प्रत्याशी
आजमगढ़। नामांकन के दौरान सभापति पद के दोनेां प्रत्याशी अपने-अपने समर्थक डायरेक्टरों के साथ पहुंचे थे। विजय प्रकाश सिंह के साथ आधा दर्जन से अधिक डायरेक्टर देखे गये तो वहीं भाजपा के घेाषित प्रत्याशी जयप्रकाश पांडेय के साथ ही कुछ डायरेक्टर आये हुए थे।
विजय प्रकाश सिंह के साथ दिखे ज्यादा समर्थक
आजमगढ़। भारतीय जनता पार्टी के सदस्य और सभापति पद के प्रत्याशी विजय प्रकाश सिंह के साथ समर्थकों की संख्या ज्यादा दिखायी दी। वोट करने वाले डायरेक्टर भी उनके साथ ज्यादा थे तो भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी उनके समर्थन में खुल कर बोल रहे थे।
चुनाव स्थगित होने के बाद राजेश महुवारी ने प्रशासन पर हल्ला बोला और भाजपा कुछ नेताओं के दबाव में काम करने का आरेाप लगाया। वहीं प्रत्याशी विजय प्रकाश सिंह ने कहा कि भाजपा के ही कुछ नेताओं ने सत्ता का बल दिखा कर प्रशासन पर दबाव बनाया और अपनी हार को रोकने के लिए लोकतंत्र की हत्या करवायी।
वहीं भाजपा प्रत्याशी जयप्रकाश पांडेय ने कहा कि विपक्षियों ने सोची समझी रणनीति के तहत हंगामा किया। प्रशासन ने चुनाव क्यो स्थगित किया यह प्रशासन ही बता सकता है।
खुल कर सामने आयी भाजपा की गुटबाजी
आजमगढ़। जिला सहकारी बैंक के सभापति पद के चुनाव में भाजपा की आंतरिक गुटबाजी खुल कर सामने आ गई। एक पक्ष के साथ जहां ब्राह्मण लाबी खड़ी नजर आयी तो वहीं दूसरी तरफ ठाकुर और भूमिहार लाबी खड़ी थी। खुद को अनुशासित पार्टी का सदस्य बताने वाले भाजपा के कई वरिष्ठ नेता चुनाव स्थगित होने के बाद एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते नजर आये।
हंगामा देख बैरंग लौटे जिलाध्यक्ष
आजमगढ़। सभापति चुनाव की प्रक्रिया के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश राय भी हाल जानने के लिए अपने लाव लश्कर के साथ चुनाव स्थल पर पहुंचे। अभी वे कुंवर सिंह उद्यान गेट के पास ही पहुंचे थे कि चुनाव स्थगित होने, विवाद और हंगामे की उन्हें जानकारी हो गई।
मौके पर हंगामा बढ़ता देख वे जिला सहकारी बैंक पर पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा सके और कुंवर सिंह उद्यान गेट से ही बैरंग वापस लौटने में ही अपनी भलाई समझे।
प्रत्याशियों का नामांकन निर्धारित समय के बाद हुआ। नामांकन के लिए 11 से 12 बजे के बीच का समय निर्धारित था। निर्धारित समय के बाद नामांकन होने के चलते ही चुनाव को स्थगित कर दिया गया।
वागीश कुमार शुक्ल, निर्वाचन अधिकारी/एसडीएम निजामाबाद, आजमगढ़।