पतिराज की ससुराल गांव के बगल से गुजरे बेसो नदी के पार बनगांव ग्राम में थी। पुलिया से होकर जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। जिससे बचने के लिए दंपती ने शार्ट कट रास्ता सोचा और गाय लेकर नदी पार करने की रणनीति बना ली। दोनों गाय के साथ नदी पार कर रहे थे।
नदी की गहराई का अंदाजा नहीं होने के चलते आगे-आगे चल रही पत्नी विद्या देवी गहराई में पहुंचने पर डूबने लगी। जिससे गाय का पगहा भी उसके हाथ से छूट गया। पत्नी को डूबता देख पतिराज आगे बढ़ा और उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन पत्नी के साथ ही वह नदी की गहराई में डूब गया। जबकि गाय तैर कर वापस घर पहुंच गई।
गाय के वापस घर पहुंचने पर परिजनों ने दंपती की खोजबीन शुरू की। नदी के किनारे पहुंचने पर दोनों की लाश उतराई हुई मिली। कुछ ही देर में नदी किनारे ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और दोनों के शव बाहर निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृत दंपती एक पुत्र व पांच पुत्रियों के माता-पिता थे। पुत्र प्रमोद रोजी रोटी के लिए विदेश में रहता है। दो पुत्रियों की शादी हो चुकी है तो वहीं पुत्र प्रमोद व तीन अन्य पुत्रियां अविवाहित हैं। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है।