बोहरा समाज के आलिमों को जनाब के लकब से जाना जाता है। ईद की नमाज दुगाना गुजरात प्रांत से आए जनाब शेख हैदर आमिल ने पढ़ाई। नगर क्षेत्र में बोहरा जमाअत की एक बड़ी चार मंजिला हाईटेक जामा मस्जिद है। यह मोहल्ला पुरारानी में स्थित है। रमजान के रोजे के दौरान और ईद मनाये जाने तक बोहरा जमाअत के लोगों की एक पुरानी परंपरा है कि बोहरा जमाअत के घरों के सभी पुरुष, महिलाएं और बच्चे रमजान की पहली तारीख से इसी जामा मस्जिद में एकत्र रहते हैं।
30 दिनों तक सभी एक साथ इफ्तारी और सेहरी करते हैं। ईद की नमाज दुगाना अदा करने के बाद एक दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाई देते हैं। ईद के मुख्य पकवान सेवईयों का स्वाद लेने के बाद अपने अपने घरों को वापस जाते हैं। इसकी सारी व्यवस्था बोहरा जमाअत कमेटी करती है। महिलाओं के लिए अलग से जामा मस्जिद के दूसरे तल पर खास व्यवस्था की जाती है।