नगर में असत्य पर सत्य की जीत का पर्व विजयादशमी धूमधाम से मनाया गया। पुरानी सब्जी मंडी और पुरानी कोतवाली में राम और रावण के बीच युद्ध के दौरान श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। शाम होते ही तीनों स्थान रावण के वध के समय जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। रावण का पुतला जलते ही लोग झूम उठे। पुरानी कोतवाली पर राम-रावण के वध के बाद विजय यात्रा भी निकाली गई।
पुरानी कोतवाली पर विजयदशमी पर रावण वध का मंचन किया गया। मंचन को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। एक तरफ भगवान राम, लक्ष्मण रथ पर सवार होकर अपनी सेना के साथ रणभूमि पर थे तो दूसरी तरफ रावण भी अपनी सेना के साथ मुकाबले के लिए उतरा था।
रावण दहन के लिए उसका पुतला बनाया गया था। सूर्यास्त होते ही राम ने रावण की नाभि में तीन बाण मारकर रावण को मार गिराया। इसी के साथ जय श्रीराम के जयकारे से पूरा नगर राममय हो गया। रावण का पुतला जलते ही लोग विजय की खुशी से झूम उठे।
असत्य पर सत्य की जीत होते ही भगवान राम की विजय यात्रा निकाली गई। इसी क्रम में पुरानी सब्जीमंडी में रथ पर सवार राम, लक्ष्मण के दर्शन को लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां भी रावण वध का मंचन किया गया। रावण का पुतला जलते ही जय श्रीराम के जयकारे से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
असत्य पर सत्य की जीत होते ही चारों तरफ खुशी छा गई। पूरे नगर में धूमधाम से विजयादशमी मनाई गई।