गांव की मिट्टी की महक उन्हें खींच लाती है। यहां अपने परिवार के से मिलकर जो खुशी महसूस हो रही है उसे बयां नहीं कर सकता। पूर्वजों की भूमि पर आकर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। हमारे पूर्वजों की जमीन हमारे लिए किसी तीर्थ से कम नहीं है। यही कारण है कि लगातार भारत के साथ ही गिरमिट देशों में फिजी, सूरीनाम, मॉरिशस की यात्रा करता रहता हूं। आगे भी हमारा यहां से संपर्क बना रहेगा।
अपने पूर्वजों के वंशज को इतने दिन बाद अपने बीच पाकर उमेश राय भी हतप्रभ रह गए। उनका पूरा परिवार भावुक हो गया। जिसे कभी देखा नहीं और जिसके बारे में कभी सुना भी नहीं अचानक उसके सामने आने से परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।