आजमगढ़। नगर पालिका परिषद आजमगढ़ पूर्वांचल की बड़ी नगर पालिकाओं में शुमार है। प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद भी अब तक डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू नहीं हो सका। इसके पीछे कारण नपा चेयरमैन की बीमारी व लापरवाही को बताया जा रहा है। डोर टू डोर के लिए बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास कराने के बाद टेंडर कराना होगा लेकिन यह प्रक्रिया अब तक ठप पड़ी हुई है।
सरकार ने सभी नगर निकायों को डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कराने का निर्देश दिया हुआ है। इसके तहत टेंडर निकाल कर एक कंपनी तय कर उसके माध्यम से घरों से कूड़े कलेक्शन कराकर डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाती है। इसके एवज में कंपनी को प्रत्येक घरों से एक निर्धारित धनराशि प्राप्त करनी होती है। जिले में अब तक कवायद शुरू नहीं हुई है। कंपनी के चयन को लेकर अब तक टेंडर ही नहीं हुआ है। वर्तमान में नपा प्रशासन अपने ही कर्मचारियों से सफाई कराने के साथ ही कूड़े का कलेक्शन भी करा रही है। ये डोर टू डोर नहीं हो रहा है। बल्कि लोगों द्वारा सड़क पर फेंका जा रहा कूड़ा नपा के कर्मचारी डंपिंग ग्राउंड पहुंचा रहे है।
एसआरएमटी के साथ हुआ करार हो चुका है असफल
शासन की सख्ती के बाद नपा प्रशासन ने एसआरएमटी नाम की एक कंपनी को डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का टेंडर दिया था, लेकिन इसमें नपा प्रशासन ने इतनी मनमानी की और कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए अपने संसाधन भी दे दिया। इतना ही नहीं कंपनी को भुगतान लोगों के घरो से वसूली कर प्राप्त करना था लेकिन नपा प्रशासन ने कंपनी को अपने मद से ही भारी-भरकम भुगतान भी कर दिया, लेकिन कंपनी ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू ही नहीं किया और शहर की सड़कों से ही कूड़ा उठा कर उसे डंपिंग ग्राउंड पहुंचाया। शिकायत हुई तो जांच बैठी और गड़बड़ झाला सामने आने पर कंपनी का टेंडर निरस्त कर दिया गया। इस कवायद को भी एक साल हो चुका लेकिन नपा प्रशासन व चेयरमैन अब तक दूसरा टेंडर करा ही नहीं सकी। जबकि अपने लाभ वाले कामों के कई टेंडर एसआरएमटी के बाद कराए गए।
पूरा प्रयास है कि बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव के बाद डोर टू डोर के लिए अगले माह टेंडर करा दिया जाए। चेयरमैन के अस्वस्थ्य होने के चलते इसमें देरी हो रही है। फिर भी अगले माह बोर्ड की बैठक होनी है, जिसमें प्रस्ताव पास करा कर टेंडर करा दिया जाएगा, जिस कंपनी का टेंडर पास होगा, उससे काम कराया जाएगा। शासन द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुरूप कंपनी काम करेगी। संसाधन के साथ ही कर्मचारी भी कंपनी के अपनी होंगे। भुगतान नपा नहीं करेगी बल्कि वे टेंडर के अनुरूप निर्धारित धनराशि प्रत्येक घरों से वसूल करेंगे। उसी से उनका खर्च निकलेगा। चेयरमैन का सहयोग मिला तो निश्चित तौर पर अगली बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास करा कर टेंडर करा लिया जाएगा।
शुभनाथ प्रसाद, ईओ, नपा आजमगढ़।