आजमगढ़। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था को गोल चक्र बनाने के लिए सठियांव में और जमीन की जरूरत थी, जिसके लिए 10 गांवों के किसानों से जमीन ली जानी जानी है। इसके लिए अवार्ड घोषित किया जा चुका है। किसानों को 18 मई तक प्रतिकर लेने का निर्देश दिया गया है।
जनपद की चार तहसीलों फूलपुर, निजामाबाद, सगड़ी और सदर से होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे गुजर रहा है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है। मई के अंत तक कार्यदायी संस्था को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि कोरोना काल में कार्य धीमी गति से चल रहा है। लेकिन यूपीडा को सठियांव में गोल चक्र बनाने के लिए और जमीन की जरूरत थी। इस जमीन का पूर्व में अधिग्रहण नहीं किया गया था। गोल चक्र में 10 गांवों के किसानों से जमीन ली जानी है। जिसमें फखरूद्दीनपुर, सठियांव, समशाबाद, मैनुद्दीनपुर, पूराकला, रैदा, फरीदपुर, ओहनी, चक जोरावर ओर बैरमपुर के किसानों के जमीन की खरीद की जानी है। इसके लिए ली जाने वाली जमीनों का अवार्ड आठ मई को घोषित कर दिया गया है। जिसमें किसानों से 18 मई तक अपनी जमीनों का प्रतिकर लेने का निर्देश दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि उनके द्वारा निर्धारित समय पर प्रतिकर का भुगतान नहीं लिया जाता है तो उनके प्रकरण को भूमि अध्याप्ति प्राधिकरण गोरखपुर को संदर्भित कर दिया जाएगा। इसके बाद उनकी जमीनों पर कब्जे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
पहले यूपीडा द्वारा सठियांव में गोल चक्र बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण नहीं किया गया था। यह जमीन अब लेने की बात कही गई है। जिसके लिए अवार्ड घोषित कर दिया गया है। अगर किसानों द्वारा निर्धारित तिथि तक जमीन का प्रतिकर नहीं लिया जाता है। मामले को गोरखपुर प्राधिकरण के हवाले कर उनकी जमीनों पर कब्जे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
हरीशंकर, सीआरओ