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Azamgarh News: नहीं लड़ना चाहती मुकदमा, स्वेच्छा से केस ले रही वापस

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सगड़ी। नगर पंचायत जीयनपुर के पूर्व अध्यक्ष और उनके भाई पर दुष्कर्म व धमकी के आरोपों को लेकर दर्ज मुकदमे को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने निस्तारित कर दिया है। आरोप लगाने वाली महिला ने न्यायालय में शपथ-पत्र देकर कहा कि अब वह यह मुकदमा नहीं लड़ना चाहती और स्वेच्छा से केस वापस ले रही है। न्यायालय के इस फैसले के बाद पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। बता दें कि रौनापार थाना क्षेत्र की एक महिला ने 28 नवंबर 2025 को सदर कोतवाली में जीयनपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष हरिशंकर यादव और उनके भाई कृपाशंकर यादव के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने तथा जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामला दर्ज होने के बाद न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने इसकी जांच शुरू की। जांच के दौरान महिला ने अपने बयान में बताया कि विवाद पैसे के लेन-देन को लेकर हुआ था, जो अब सुलझ गया है। महिला ने अदालत में शपथ-पत्र दाखिल कर कहा कि उसने अपनी इच्छा से प्राथमिकी दर्ज कराई थी, लेकिन अब वह बिना किसी दबाव या प्रलोभन के स्वेच्छा से केस की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाना चाहती। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यवीर सिंह ने वादिनी के शपथ-पत्र और पुलिस की अंतिम रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए कहा कि वादिनी पुलिस की अंतिम रिपोर्ट से संतुष्ट है। ऐसे में प्रार्थना-पत्र स्वीकार करते हुए मुकदमे को निस्तारित किया जाता है।
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न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और अंततः सत्य की जीत हुई है। फैसले के बाद उनके समर्थकों में भी खुशी देखी गई।- हरिशंकर यादव, पूर्व अध्यक्ष, जीयनपुर नगर पंचायत
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