आजमगढ़। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पूर्व उपाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अशोक कुमार सिंह. आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. निर्मल श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष डॉ. अभिषेक सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. एके सिंह और अन्य चिकित्सकों ने जनपद में चिकित्सकों को लेकर सोशल मीडिया पर की जा रही भद्दी और आपत्तिजनक पोस्ट तथा अस्पतालों को लूट का अड्डा बताने पर निराशा जाहिर की है।
उन्होंने कहा कि हमारे जनपद में अच्छी चिकित्सा सुविधा और मल्टी स्पेशिएलिटी चिकित्सा सुविधा का अभाव है। कुछ चिकित्सक उच्च शिक्षा प्राप्त करके अपनी जन्मभूमि को कर्मभूमि बनाकर के जनपद का नाम देश और प्रदेश में रोशन कर रहे हैं। दिन रात मेहनत कर जनपद के लोगों को चिकित्सा सुविधा प्रदान कर रहे हैं। चिकित्सा विज्ञान का ज्ञान न रखने वाले लोग ऐसे चिकित्सकों पर गलत आरोप लगाकर के चिकित्सकों और अस्पतालों की मानहानि कर रहे हैं। जनपद में चल रहे सारे अस्पताल सरकार के मानक के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। कोरोना काल में भी जनपद में चिकित्सकों का कार्य सराहनीय रहा है। चाहे जिला प्रशासन की ओर से तहसील वार ग्रामीण एंबुलेंस सेवा देने की बात रही हो या टेली कंसल्टेंसी की बात रही हो। जनहित में सभी अस्पतालों ने कार्य किया है। शहर के रौदोपुर स्थित एक अस्पताल के चिकित्सक और प्रबंधन की कार्यशैली पर कुछ लोगों की ओर से लगातार आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही है। यह मानहानि है। करने वाले लोग चिकित्सा विज्ञान के ककहरा से भी परिचित नहीं है। स्वार्थी तत्वों का व्यापार हो गया है कि किसी भी तरीके से स्वार्थ पूर्ति की जाए। ऐसे लोगों के कृत्यों से चिकित्सक भयभीत हैं और उनमें रोष व्याप्त है। उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्यपाल के साथ ही जिला प्रशासन से मांग की कि ऐसे तत्वों की जांच कराकर तत्काल कार्यवाही की जाए। पूर्व अध्यक्ष डॉ. निर्मल श्रीवास्तव ने कहा कि आजमगढ़ जनपद के अस्पतालों में जितने पैसे लगते हैं वह वाराणसी और लखनऊ से काफी कम है। साथ में चिकित्सक स्थानीय होने के कारण भी स्थानीय लोगों को लाभ और विभिन्न प्रकार के छूट देते हैं। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. डीपी राज ने कहा कि अभद्र टिप्पणी नहीं रुकी तो मामले में कार्रवाई की मांग की जाएगी। हम अस्पताल प्रबंधन के साथ हैं।