आजमगढ़। जिला महिला अस्पताल में डिलेवरी के नाम पर धनउगाही की शिकायत अक्सर ही सामने आती रहती है। ऐसे ही एक मामले में डीएम से शिकायत हुई थी। जिस पर डीएम ने एडीएम प्रशासन को जांच सौंपी है। एडीएम प्रशासन की जांच में डॉक्टर व आशा बहु डिलेवरी के नाम पर पैसा लेने के आरोपी पाये गये है। एडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट कार्रवाई के लिए डीएम को प्रेषित कर दिया है।
जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने पांच दिसंबर के जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान अहरौला थाना क्षेत्र के रहने वाले शिव कुमार पांडेय डीएम से डिलेवरी के नाम पर पैसा लिये जाने की शिकायत किया था। शिवकुमार की शिकायत थी कि वह अपने रिश्तेदार मनीषा पांडेय को डिलेवरी के लिए 29 नवंबर को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां आपरेशन से डिलेवरी डॉ. रश्मि ने कराया था। इसके बदले आशा बहु सविता यादव के माध्यम से पांच हजार रुपये भी डॉक्टर ने लिया है। इस शिकायत पर डीएम ने एडीएम प्रशासन को जांच सौंपी और एक सप्ताह में जांच आख्या मांगी। एडीएम प्रशासन ने अस्पताल पर पहुंच कर जांच किया और आशा बहु के साथ ही प्रसूता के ससुर का भी बयान दर्ज किया। बयान में आशा बहु ने यह स्वीकार किया कि उसने स्वयं पैसा प्रसूता के परिजनों से लेकर डॉ. रश्मि को दिया। वहीं ससुर ने भी दो बार में पैसा देने की बात कही। एडीएम ने अन्य कई मरीजों के अलावा अस्पताल के लोगों का भी बयान दर्ज किया। उन्होंने छह जनवरी को अपनी रिपोर्ट डीएम को प्रेषित करते हुए डिलेवरी के नाम पर पैसा लेने के मामले में डॉ. रश्मि व आशा बहु सविता को दोषी बताया है। एडीएम ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि शिकायत के बाद से ही डॉ. रश्मि अवकाश पर चल रही है, जिसके चलते उनका बयान नहीं हो सका है। वहीं डॉ. रश्मि सिन्हा ने बताया कि डिलेवरी के नाम पर पैसा लेने का आरोप पूरी तरह से निराधार है। मैने न तो आपरेशन के पहले पैसा मांगा न ही बाद में ही किसी तरह की डिमांड किया। फिलहाल एडीएम प्रशासन ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को प्रेषित कर दिया है।