आजमगढ़। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को डीएम रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में चकबंदी विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान डीएम ने विभाग के प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए और लापरवाह अधिकारियों को चेतावनी भी दी। डीएम ने निर्देश दिए कि धारा 52 का प्रकाशन हो जाने के बाद कब्जा परिवर्तन का कार्य शत-प्रतिशत कराया जाए। इस प्रक्रिया में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अनदेखी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी चकबंदी अधिकारियों को नियमित रूप से कोर्ट में बैठने का निर्देश देते हुए कहा कि लंबित मामलों के निस्तारण की संख्या में तेजी लाई जाए। आदेश के बाद निस्तारण की सूचना अधिकतम तीन दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड की जाए। चकबंदी से संबंधित कोर्ट मामलों में प्रगति न मिलने पर फूलपुर चकबंदी विभाग के अखिलेश पांडेय, सठियांव के अनुज सक्सेना, जहानागंज के मनोज कुमार पांडेय और संजय कुमार सिंह से स्पष्टीकरण तलब किया है। सभी को स्पष्टीकरण की कॉपी चकबंदी आयुक्त को भेजे जाने का निर्देश भी दिया है।
डीएम ने आईजीआरएस (जन शिकायत प्रणाली) से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से शिकायतकर्ताओं से संवाद स्थापित करने, क्षेत्रीय भ्रमण करने और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस पर कोई भी प्रकरण डिफाॅल्टर नहीं होना चाहिए। चकबंदी जैसे संवेदनशील विषय पर अब प्रशासनिक शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शासन की मंशा के अनुरूप सभी कार्यों को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा करने का आह्वान किया।