कोरोना महामारी ने भले ही लोगों को कैद कर दिया हो लेकिन पुलिस, स्वास्थ्यकर्मी और सफाईकर्मियों की थोड़ी सी सेवा पर ही लोग उनका सम्मान करने से नहीं चूक रहे हैं। आजमगढ़ के डीएम ने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपनी सोच को बदलते हुए जनता का विश्वास जीतने की अपील की है।
पर्यावरण को लेकर पूरे विश्व में कई वर्षों से हाय तौबा मची हुई थी। गंगा और कई नदियों की सफाई पर अरबों रुपये खर्च किए जा रहे थे। लेकिन कुदरत ने कोरोना महामारी के रूप में ऐसा कहर ढ़ाया कि हर कोई घरों में कैद हो गया। प्रदूषण कम हो गया। नदियों ने खुद को साफ कर लिया अब बारी इंसानों की है कि वह अपने आप को बदलें। कोरोना महामारी के दौरान पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी और सफाईकर्मी जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी का निर्वहन कर रहे हैं। जिसका परिणाम है कि जगह-जगह लोग उन पर फूलों की बारिश कर रहे हैं।
अब देखना यह है कि यह लोग जनता के इस विश्वास को कब तक बनाए रखते हैं। या कोरोना महामारी की समाप्ति के बाद उनका वारियर्स का रूप गायब तो नहीं हो जाएगा। डीएम एनपी सिंह ने कहा कि कुदरत ने खुद से अपनी हालत को सुधार लिया है। अब बारी हम इंसानों की है। हमें सोचना होगा कि जब हमारे थोड़े से अच्छे कार्य के लिए जनता हमारे ऊपर फूलों की बारिश कर हमें सम्मान दे रही है तो हमें भी उसके विश्वास को बनाए रखना होगा। मेरी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील है कि वह खुद के अंदर बदलाव लाते हुए अपने कर्तव्य का जिम्मेदारी से निर्वहन करें।