आजमगढ़। कोरोना की तीसरी लहर को बच्चों के लिए अत्यंत खतरनाक माना गया है। ऐसे में शासन-प्रशासन में हड़कंप की स्थिति है। शासन पहले से ही बचाव के सारे इंतजाम करने की कवायद में जुटी हुई है। जिसके तहत लक्षण वाले बच्चों को उम्र के हिसाब से कोरोना किट वितरित कराने की रणनीति बनी है। जिले में भी कोरोना किट तैयार करायी जा रही है और रविवार से निगरानी समितियों में वितरण भी शुरू हो गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि कोरोना मेडिकल किट चार तरह की तैयार हुई है, जो बच्चों के उम्र के हिसाब से है। निगरानी समितियों के माध्यम से लक्षण वाले मरीजों को चिह्नित कर उन्हें उक्त दवाओं की किट उपलब्ध करायी जाएगी। जिले में पीएचसी सठियांव पर कार्यक्रम आयोजित कर स्वास्थ्य विभाग द्वारा 25-25 किट का वितरण निगरानी समितियों को किया जा रहा है। अब निगरानी समिति के द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में लक्षण वाले बच्चों के बीच इसे बांटा जाएगा। एडिशनल सीएमओ डॉ. संजय ने बताया कि मेडिकल किट को बच्चों व किशोरों को उनकी उम्र के अनुसार अलग-अलग चार वर्गों में बांटा गया है। जिसमें नवजात शिशु से लेकर एक साल, एक से पांच साल, पांच से 12 साल व 12 से 18 साल का ग्रुप बना है। उन्होंने बताया कि तीसरी लहर से निपटने के लिए शासन के निर्देशानुसार तैयारियों को तेज कर दिया गया है। पीएचसी सठियांव पर आयोजित कार्यक्रम में सीएमओ, एडिशनल सीएमओ, बीडीओ, सीडीपीओ, आशा व आंगनबाड़ी आदि मौजूद रहे।
मेडिकल किट में रहेंगी ये दवाएं
आजमगढ़। एडिशनल सीएमओ डॉ. संजय ने बताया कि नवजात से एक साल की किट में पैरासिटामाल ड्राप दो, मल्टी विटामिन ड्राप एक व ओआरएस 2 पैकेट रहेगा। एक से पांच साल वाले किट में पैरासिटामाल सिरफ एक, मल्टी विटामिन सिरफ एक व ओआरएस दो पैकेट, छह से 12 साल वाले किट में पैरासिटामाल 500 एमजी आठ गोली, आइवरमैक्टिन 6 एमजी तीन गोली, मल्टी विटामिन सात गोली व ओआरएस दो पैकेट रहेगा। इसके अलावा 12 से 18 साल वाले किट में पैरासिटामाल 650 एमजी 15 गोली, आइवरमैक्टिन 12 एमजी तीन गोली, एजिथ्रोमाइसिन 500 एमजी पांच गोली, विटामिन सी सात गोली, बी कांप्लेक्स सात गोली व विटामिन डी तीन गोली रहेगी।