आजमगढ़। आपदा काल में शासन के निर्देश पर गरीबों और प्रवासी श्रमिकों में प्रशासन की ओर से राशन का वितरण किया गया। इस खाद्यान्न को अधिकारियों ने दुकानों से उधार पर लिया लेकिन अब तक उसका बिल प्रस्तुत नहीं किया गया। इस वजह से व्यापारियों का भुगतान फंसा हुआ है। डीएम ने संबंधित तहसीलों के तहसीलदारों से बिल प्रस्तुत करने में देरी पर स्पष्टीकरण तलब किया है।
लॉक डाउन के दौरान अस्थाई आश्रय स्थलों, आम रसोईघरों व अन्य स्थानों पर भोजन सामग्री और भोजन का वितरण किया गया। प्रशासन ने गरीबों और असहायों के घरों तक पहुंचकर उन्हें राशन किट उपलब्ध कराया। इसके लिए हर तहसील में एक दुकान का चिन्हांकन किया गया था। जहां से उधारी में राशन किट लेकर प्रशासन ने वितरित किया। जनपद में लगभग नौ करोड़ रुपये बकाया है। सचिव एवं राहत आयुक्त कार्यालय से बकाए के भुगतान के लिए बजट की मांग करनी थी लेकिन फूलपुर को छोड़कर किसी भी तहसील से राशन आदि पर होने वाले व्यय का बिल प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसके कारण जिले से अभी तक बजट की डिमांड नहीं की जा सकी है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम राजेश कुमार ने फूलपुर को छोड़कर सभी तहसीलों के तहसीलदारों से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के अंदर बिल प्रस्तुुत नहीं किया गया तो उनके खिलाफ एक पक्षीय कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी।