मंडलायुक्त विवेक की अध्यक्षता में मंगलवार को मंडलायुक्त सभागार में सीएम डैशबोर्ड पर विभिन्न विभागों की ग्रेडिंग एवं रैंकिंग के आधार पर विकास कार्यों की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति बढ़ाने के साथ रैंकिंग और ग्रेडिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में बलिया और मऊ में अधिक आवेदन निरस्त होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। दोनों जिलों के जिला समाज कल्याण अधिकारियों का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए।
कहा कि कमाने वाले सदस्य की मृत्यु पर मिलने वाली 30 हजार रुपये की सहायता के आवेदन अनावश्यक रूप से निरस्त न किए जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना में अपात्रों को लाभ दिए जाने पर कार्रवाई और उनसे धनराशि की वसूली के निर्देश दिए।
तीनों जिलों के सीडीओ को भ्रमण के दौरान आवासों का सत्यापन करने को कहा। बीएसए को जर्जर विद्यालय भवन चिह्नित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
जननी सुरक्षा योजना के लंबित आवेदनों पर नाराजगी जताते हुए संस्थागत प्रसव के दौरान ही लाभार्थी का खाता खुलवाने और डिस्चार्ज से पहले धनराशि खाते में भेजने को कहा। निजी अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए प्रेरित करने वाली आशाओं की जांच कर सेवा समाप्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए।
विद्युत शिकायतों का तत्काल निस्तारण, शिकायत रजिस्टर का नियमित सत्यापन और विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे बिजली तार हटाने के निर्देश भी दिए गए। अवैध डॉक्टर, अस्पताल और क्लीनिक के खिलाफ अभियान चलाकर सील करने की कार्रवाई करने तथा अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लिंग परीक्षण की शिकायतों को गंभीरता से लेने को कहा।
बैठक में बताया गया कि वार्षिक विकास दर आजमगढ़ में 12.5, मऊ में 18 और बलिया में 12.1 प्रतिशत है। प्रति व्यक्ति वार्षिक आय आजमगढ़ में करीब 55 हजार, मऊ में 59 हजार और बलिया में 54,247 रुपये है। मंडलायुक्त ने वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में मंडल की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने दिव्यांग, विधवा और वृद्धावस्था पेंशन के पात्रों को योजनाओं से जोड़ने, वृद्धाश्रमों का नियमित निरीक्षण, स्वास्थ्य शिविर, पर्यटन कार्यों का सत्यापन, सूखे पौधों के स्थान पर दोबारा पौधारोपण, विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन, शौचालय, पेयजल और भवन व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
इसके अलावा जल जीवन मिशन, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ओडीओपी, किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, सड़क निर्माण, ऑपरेशन कायाकल्प, कन्या सुमंगला, मत्स्य संपदा योजना और प्रोजेक्ट अलंकार समेत विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, मऊ के जिलाधिकारी आनंद वर्धन सहित मंडलीय और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।