आजमगढ़। समायोजन और नियुक्ति की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश टीईटी संघर्ष मोर्चा की जनपद इकाई द्वारा शनिवार को अंबेडकर पार्क में बैठक की गई। जिसमें उन्होंने राज्य सरकार पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाया।
बैठक को संबोधित करते हुए उमेश वर्मा ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा को सुधारात्मक रूप देने के लिए भारत सरकार ने आरटीई एक्ट(राइट टू एजुकेशन) के नियम को पास किया। ताकि प्राथमिक शिक्षा में योग्य शिक्षकों को नियुक्त किया जा सके। इसके लिए टीईटी पास को सहायक अध्यापक बनाने का नियम पास हुआ। उत्तर प्रदेश में आरटीई एक्ट 23 अगस्त 2010 से ही लागू है। लेकिन उसकी अवहेलना करते हुएआज भी प्राथमिक शिक्षा में सहायक अध्यापक पद पर बगैर टीईटी पास लोगों की नियुक्ति कर दी गई। पंकज कुमार ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से यह स्पष्ट हो चुका है कि कोई भी राज्य बिना टीईटी पास किसी को भी अध्यापक पद पर नियुक्त नहीं कर सकता है। ऐसे में हमारी राज्य सरकार से मांग है कि वह नैतिक और सामाजिक कर्तव्य का निर्वहन करते हुए योग्य प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति करे। इस मौके पर उमेश वर्मा, गजानंद, पंकज कुमार, अरविंद, राजेश, राजीव राय, योगेंद्र प्रजापति आदि उपस्थित थे।