फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डिजिटल अरेस्ट: आपत्तिजनक वेबसाइट देख रहे हैं तो कार्रवाई की जाएगी...

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। सिधारी थाना क्षेत्र में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। हालांकि पुलिस की तत्परता से पीड़ित को राहत मिली और उसके खाते में 21,500 रुपये वापस करा दिए गए।
विज्ञापन

थाना प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि चौबाना निवासी विवेक चौधरी को एक अज्ञात कॉलर ने खुद को साइबर पुलिस अधिकारी बताते हुए फोन किया। कॉलर ने आरोप लगाया कि वह आपत्तिजनक वेबसाइट देख रहे हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर उन्हें मानसिक रूप से भयभीत किया गया।
घबराकर विवेक ने जल्दबाजी में बताए गए खाते में 21,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही थाना सिधारी की साइबर टीम ने साइबर सेल आजमगढ़ की मदद से त्वरित कार्रवाई की और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करते हुए पूरी धनराशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी। पुलिस ने पीड़ित को जागरूक करते हुए बताया कि किसी भी अज्ञात कॉल पर विश्वास न करें और ओटीपी या निजी जानकारी साझा न करें।
विज्ञापन

‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे झांसे से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने या फिर नजदीकी साइबर हेल्प डेस्क से संपर्क करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें