फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौनी अमावस्या पर सरोवरों में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

विज्ञापन
मौनी अमावस्या पर महाराजगंज में भैरो बाबा धाम के पोखरे में स्नान करते श्रद्धालु। - फोटो : AZAMGARH
विज्ञापन
आजमगढ़। मौनी अमावस्या पर मंगलवार को नदी सरोवरों में स्नान कर श्रद्धाल़ुओं ने जिले के अवंतिकापुुरी, भैरो बाबा धाम, दुर्वासा दत्तात्रेय आदि पौराणिक स्थानों पर सुबह स्नान किया। मंदिरों में पूजन के बाद दान देकर परिवार की सुख व समृद्धि की कामना की।
विज्ञापन

फूलपुर: मौनी अमावस्या पर फूलपुर और ग्रामीण क्षेत्रों के नदियों और सरोवरों में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। आस्था की डुबकी लगाने के बाद भक्तों ने मंदिरों में मत्था टेका। पौराणिक स्थल दुर्वासा धाम पर ठंड के बावजूद आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रानी की सराय संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के पौराणिक अवंतिकापुरी धाम में कड़ाके की ठंड के बाद भी लोग स्नान के लिए सुबह से ही आना शुरू हो गए थे। सरोवर में आस्था की डुबकी लगाने के बाद लोगों ने पूजन अर्चन कर दान किया और परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। निजामाबाद: नगर पंचायत निजामाबाद स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब में गुरु तेग बहादुर साहिब जी के तपस्थली पर स्थित दुख भंजन कुएं के पवित्र जल से लोगों ने स्नान किया। गुरुद्वारे के ग्रंथी बाबा जगदीश सिंह ने बताया कि मौनी अमावस्या के दिन गुरु तेग बहादुर साहिब की तपस्थली पर स्थित दुख भंजन कुएं के पवित्र जल के स्नान से कई प्रकार के रोगों से निजात मिलती है। महाराजगंज: बाबा भैरोधाम स्थित पोखरे में स्नान के लिए रेला लगा रहा। पोखरे में आस्था की डुबकी लगाने के बाद बाबा के दरबार में लोगों ने माला, फूल, बतासा, धूप अगरबत्ती व नारियल, काली मिर्च आदि चढ़ाकर मन्नत मांगी। अहरौला: घने कोहरे और ठंड के बाद भी दुर्वासा धाम के तमसा-मंजूषा के पवित्र संगम में सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था।सुरक्षा की दृष्टि से फूलपुर कोतवाली द्वारा भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। गोस्वामी समाज के अध्यक्ष प्रेमचंद गिरी और दुर्वासा धाम मंदिर के पुजारी श्रीराम गिरी ने बताया कि मौनी अमावस्या के दिन नदियों के पवित्र संगम में स्नान का बड़ा ही महत्व है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें