उपकेंद्र के बरदह फीडर से जुड़े छतरपुर गांव में विद्युत तारों की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। गांव में कई स्थानों पर बिजली के तार अत्यंत नाजुक स्थिति में लटके हुए हैं, जो राहगीरों और ग्रामीणों के लिए जान का खतरा बनते जा रहे हैं।
ग्राम सभा छतरपुर के एक रास्ते पर तो स्थिति और भी गंभीर है, जहां एक घर से मात्र एक इंच लोहे के एंगल के सहारे बिजली का तार जुड़ा हुआ है। यह किसी भी समय गिर सकता है और लोगों की जान ले सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले पूरे क्षेत्र में अंडरग्राउंड केबलिंग के लिए बजट भी स्वीकृत हुआ था, लेकिन आज तक न तो तार बदले गए और न ही कोई ठोस कार्यवाही हुई।
मोबीन खान, यासिर खान, बबलू, कलाम, शौकत, इकराम खान, अजीत विश्वकर्मा, छोटेलाल विश्वकर्मा ने बताया कि उन्होंने कई बार विद्युत निगम में शिकायतें कीं और लिखित आवेदन भी दिया, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन जर्जर तारों को नहीं बदला गया तो वे उच्च अधिकारियों से संपर्क करेंगे।
उपकेंद्र बरदह के जेई मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि पहले तार बदलने के लिए बजट पास हुआ था, लेकिन उस समय के अधिकारियों ने काम नहीं कराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन गांवों में तार अब तक नहीं बदले गए हैं, उनकी जांच कर जल्द से जल्द नए तार लगवाए जाएंगे। साथ ही विद्युत आपूर्ति को बेहतर बनाने व फॉल्ट को कम करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।