किसानों का कहना था कि खेत में खड़ी सरसों और गेहूं की फसल लगभग एक महीने में तैयार हो जाती। इसके बाद प्रशासन की ओर से जमीन का अधिग्रहण किया जाता। तब तक उन लोगों को जमीन का मुआवजा भी मिल जाता।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेंद्र सिंह ने इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेंद्र सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त गुरु प्रसाद गुप्ता, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सिद्धार्थ, उप जिलाधिकारी बुढ़नपुर अरविंद कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी महेंद्र शुक्ला, तहसीलदार शक्ति प्रताप सिंह सहित कई थानों की पुलिस एवं पीएसी के जवान मौजूद रहे।