लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में शुक्रवार को दोनों ही गेजों पर घटोत्तरी देखने को मिली। जलस्तर घटने के बाद भी देवारावासियों की दुश्वारियां बरकरार हैं। अभी तक गांवों के संपर्क मार्गों और घरों में पानी जमा है। तेज हवा के कारण नदी में लहरें उठ रही है जिसके कारण लोग बंधे पर रात गुजारने को विवश हैं।
गुरुवार की शाम बदरहुंआ गेज पर घाघरा नदी का जलस्तर 72.61 मीटर दर्ज किया गया था। जो शुक्रवार की शाम को एक सेमी घटकर 72.60 मीटर पर आ गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 93 सेमी ऊपर है। वहीं डिघिया गेज पर गुरुवार की रात नदी का जलस्तर 71.74 मीटर दर्ज किया गया था। यहां पर शुक्रवार की शाम नदी का जलस्तर तीन सेमी घटकर 71.71 मीटर पर आ गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा 70.40 मीटर से 131 सेमी अधिक है। सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तरांचल में बहने वाली घाघरा नदी का रौद्र रूप जारी है। घाघरा नदी के स्थिर होने से पशु आदमी सब परेशान हैं। दर्जनों गांव में पशुओं को पानी में ही खाना और रहना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा समस्या शौचालय की बनी हुई है । लगभग 400 बस्तियां पूर्ण रूप से पानी में डूबी हुई हैं। घरों में पानी घुसा है और लगभग 200 से 300 परिवार ही अभी तक महुला गढ़वाल बांध पर शरण ले रहे हैं। यही हालत महुला गढ़वाल बांध के दक्षिण के दर्जनों गांव का है। जिनकी फसल डूब गई है । गांव में पानी घुस रहा है। इनके आवागमन संपर्क मार्ग पर पानी भर गया है। ग्रामीणों ने कई बार बाढ़ से पूर्व समस्याओं से शासन प्रशासन को अवगत कराया। लेकिन समय रहते प्रशासनिक अमला इस पर ध्यान नहीं दिया। देवारा खास राजा के प्रधान प्रतिनिधि पलटन यादव , बांका बूढन पट्टी के ग्राम प्रधान कुशहर निषाद, अभनपट्टी, सोनौरा, अचलनगर, अजगरा, मगर्वी आदि गांव के ग्राम प्रधानों ने गांव को एक मीटर ऊंचा पटान करने की मांग की थी। शासन प्रशासन ने पटान की अनुमति नहीं दी। जिससे आज यह दुर्दशा झेल रहे हैं। अगर गांव में ग्राम प्रधानों द्वारा गांव में घरों की पटान कर एक मीटर ऊंची कर दी गई होती तो आज यह बाढ़ का मंजर दिखाई नहीं देता। बाढ़ की विभीषिका झेल रहे लोग परेशान हैं और उनके पशु और बीमार लोग गांव में फंसे हुए हैं। तेज हवा के चलते घाघरा नदी में लहर उठ रही है जिससे सैकड़ों लोग बंधे पर रात बिता रहा है।
तहसीलदार सगड़ी ने लिया बाढ़ चौकियों का जायजा
लाटघाट। तहसीलदार सगडी बृजेंद्र उपाध्याय ने शुक्रवार को बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया। जमुवारी बाढ चौकी पर एक लेखपाल के ना होने पर उसके एक दिन के वेतन काटने का निर्देश दिया। तहसीलदार ने बताया कि 14100 बाढ़ राहत पैकेट वितरण करने का लक्ष्य था जिसमें 13712 पैकेट बांट दिया गया है। 278 पॉलिथीन बंधे पर लोगों को दिया गया है। राहत का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। बंधे पर लोगों को हिदायत दी गई है कि छोटी नाव से अपने गांव को कतई न जाएं। मझौली व बड़ी नाव से ही लोग सफर करें। इस समय घाघरा नदी के जल स्तर में तेज बहाव और तेज हवा के चलते खतरा बढ़ गया है।
बाढ़ संघर्ष समिति के धरने को प्रयास ने दिया समर्थन
लाटघाट। बाढ़ संघर्ष समिति रौनापार द्वारा बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को लेकर दिया जा रहा अनिश्चित कालीन धरना शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को धरने में पहुंचे प्रयास सामाजिक संगठन और देवारा विकास सेवा समिति ने धरने को अपना समर्थन दिया। इस मौके पर नर्वदेश्वर मिश्रा, जगरोपन, राजू मिश्रा, दिलवर यादव, बृजराज प्रजापति आदि उपस्थित थे।