आजमगढ़। मौसम में आए बदलाव से जहां लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। वहीं बुखार ठीक होने के बाद गले का संक्रमण पीछा नहीं छोड़ रहा है । गला खराब होने के साथ ही लगातार खांसी की समस्या हो रही है। यही कारण है कि जिला अस्पताल में खांसी और गला खराब होने के मरीजों की बढ़ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि कुछ सावधानियां बरतकर इससे बचा जा सकता है। सर्तकता जरूरी है।
पिछले कुछ समय से बुखार की चपेट में ज्यादा लोग आ रहे हैं। परिवार में किसी एक सदस्य को बुखार होने पर अन्य भी इसकी चपेट में आते हैं। बच्चों को भी यह चपेट में ले रहा है। बुखार का कारण मौसम में बदलाव और खानपान का सही नहीं होना बताया जा रहा है। बुखार ठीक होने के पंद्रह दिन बाद तक गले का संक्रमण परेशान कर रहा है। जिला अस्पताल में जहां इस तरह के रोजाना 50 से 60 मरीज पहुंचे रहे हैं तो सीएचसी पर भी 25 से ज्यादा मरीज पहुंचकर उपचार करा रहे हैं। उन्हें खांसी और गला खराब की परेशानी हो रही है। तापमान में अधिक अंतर होने के कारण लोग ठंडी के साथ ही खट्टी चीजों का सेवन कर रहे हैं, जिससे संक्रमण बढ़ने की आशंका रहती है।
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ऐसे करें बचाव
- ठंडी चीजों से परहेज करें।
- रात में सोते समय अभी पंखा न चलाएं।
- वायरल होने पर घर पर रहकर आराम करें।
- घर से निकलते समय मास्क का प्रयोग करें।
- भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
- स्वच्छता का ध्यान रखें, आस-पास गंदगी न होने दें।
- संक्रमण होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
- हरी सब्जी और फलों का अधिक सेवन करें।
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जिन लोगों को बुखार हो रहा है, उनका बुखार ठीक होने के बाद गले में संक्रमण की समस्या हो रही है। इससे काफी दिनों तक खांसी और गले में खराश रहती है। ऐसे में बचाव काफी जरूरी है और ठंडा खाने-पीने से बचना चाहिए। चिकित्सक की सलाह लेकर ही उपचार करें।
डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा, चिकित्सा अधीक्षक।