अमिलो। चीनी मिल सठियांव के उपसभापति यशवंत सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव और जिलाधिकारी को पत्र लिख कर लगातार घट रही रिकवरी दर पर चिंता जताई है। इसमें चीनी मिल की घट रही रिकवरी दर और अन्य अनियमितताओं को संज्ञान में लेते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
उपसभापति ने शिकायती पत्र में चीनी मिल प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि चीनी मिल का शुभारंभ होने के बाद से प्रधान प्रबंधक और सहयोगी कर्मचारी अपने स्वहित में लिप्त हैं। 20 दिसंबर से बार-बार भारी मात्रा में मैस्कुट गुड़ वर्टिकल बीसी बह जा रहा है। इसे छिपाने के लिए उस पर काली राख, चूना, मिट्टी डाल दी जा रही है। चीनी मिल का लाभ प्रभावित हो रहा है। चीनी मिल गेट सहित अन्य क्रय केंद्रों पर घटतौली से किसान परेशान हैं। अर्ली प्रजाति का गन्ना न होने पर भी अर्ली प्रजाति का दिखा कर लक्ष्य को प्रभावित किया जा रहा है। पेराई शुरू होने के बाद से लगातार चीनी मिल का पर्ता गिरता जा रहा है, लेकिन प्रधान प्रबंधक और उनके जिम्मेदार अधिकारी उसे सुधारने का कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा पाॅवर टरबाइन की मरम्मत ठीक से न होने के कारण मिल का संचालन बिजली खरीद कर किया जा रहा है। संचालक मंडल का गठन तो हुआ लेकिन उपयोगिता पर सचिव और प्रबंधक का ध्यान नहीं है। डेली मैन्युफैक्चरिंग रिपोर्ट और शिफ्टवाइज प्रगति रिपोर्ट मांगने के बाद भी उपलब्ध नहीं कराई जाती है। आसवनी इकाई की मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये का सामान मंगाया गया लेकिन आज तक मरम्मत कर इसे चालू नहीं किया गया। कड़ाके की ठंड में किसानों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।