आजमगढ़। शहर की सड़कों व ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते छुट्टा पशुओं की संख्या को देखते हुए डीएम के आदेश पर उन्हें पकड़ने का काम किया जा रहा है। पशुपालन विभाग के आंकड़े को माने तो अभियान चलाकर 109 गांवों को छुट्टा पशुओं से मुक्ति दिला दी गई है। यहां एक भी छुट्टा पशु नहीं घूमते पाए जाएंगे। पकड़े गए पशुओं को गोशाला में संरक्षित किया जा रहा है।
तत्कालीन जिलाधिकारी राजेश कुमार के निर्देश पर एक जनवरी से छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत अब तक कुल 179 छुट्टा पशु पकड़े गए हैं। उनमें से 92 पशुओं को गोवंश सहभागिता योजना के तहत छुट्टा पशुपालकों को सौंप दिया गया। उक्त पशुओं को पालन के लिए इन्हें गोवंश सहभागिता योजना के तहत सरकार प्रतिदिन 30 रुपये देती है, मतलब एक महीने में 900 रुपये दिए जाएंगे। वहीं बाकी के पशुओं को स्थानीय गोशालाओं में भेज दिया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. वीके शर्मा ने बताया कि जनपद के 109 गांव ऐसे हैं, जहां एक भी छुट्टा पशु नहीं हैं। अभियान चलाकर उन्हें पकड़ लिया गया है। बाकी के गांवों में अभियान चलाया जा रहा है। 10 जनवरी तक अभियान चलाकर हर हाल में पशुओं को पकड़ कर गोशालाओं में भेजा जाएगा।