चिकित्साधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विनीत सिंह रीशू ने बुधवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। उन्होंने एसीएमओ पर जांच के नाम पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए उन्हें निलंबित करने की मांग की।
विनीत सिंह रीशू ने बताया कि डिप्टी सीएमओ जनपद के नर्सिंग होमो एवं पैथोलॉजी केंद्रों की जांच के नाम पर धन ऐंठने का काम करते है। यह लेबल-3 के चिकित्साधिकारी हैं और 17 वर्षों से जनपद में जमे हुए हैं।
इसके पूर्व भी फर्जी जन्म मृत्यु प्रमाण बनाने में सीआरएस पोर्टल का दुरुपयोग करने में यूपी एटीएस द्वारा पटल सहायक अनीता यादव को हिरासत में लिया था लेकिन उक्त कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एसीएमओ का लगातार बचाव किया जा रहा है। जबकि इनकी कार्यशैली पहले से ही भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी हुई है। इसके बावजूद उन्हें एक दर्जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों में नोडल अधिकारी बनाकर सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत हुए साक्षात्कार में इनके द्वारा लाखों रुपये की वसूली भी की गई है हालांकि पूरी नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग किया कि 17 वर्षो से जमे हुए भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराकर दंंडित किया जाए ताकि शासन के भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति को साकार किया जा सके। इस मौके पर भाजयुमो के पूर्व जिलामंत्री शौर्य सिंह कौशिक, अश्वनी मिश्र, आनंद यादव, आशीष पांडेय, अजय सिंह आदि मौजूद रहे।